September 18, 2026 11:28 PM

सीसीटीएनएस में उत्तराखंड की रैंकिंग सुधरी, 13वें से नौवें स्थान पर पहुंचा

देहरादून। सीसीटीएनएस की राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तराखंड ने चार पायदान की छलांग लगाते हुए 13वें से नौवां स्थान हासिल किया है। वहीं आईसीजेएस 2.0 डैशबोर्ड में राज्य देशभर में तीसरे स्थान पर है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सीसीटीएनएस-आईसीजेएस 2.0 की प्रगति की समीक्षा करते हुए अगले दो माह में निर्धारित मानकों में और सुधार करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित राज्य शीर्ष समिति की बैठक में सीसीटीएनएस और आईसीजेएस 2.0 की प्रगति, तकनीकी आधारभूत ढांचे, नेटवर्क कनेक्टिविटी, डेटा रिकवरी सेंटर, उपकरणों की उपलब्धता और सिस्टम इंटीग्रेटर से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि जुलाई 2026 तक सीसीटीएनएस प्रगति डैशबोर्ड में उत्तराखंड नौवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं आईसीजेएस 2.0 के तहत ई-साक्ष्य, न्यायश्रुति, ई-समन, ई-साइन और मेडलीप्र जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के माध्यम से पुलिस, अभियोजन, कारागार और न्यायिक प्रक्रिया में डिजिटल समन्वय बढ़ाया जा रहा है।

बैठक में एनसीएलआई डैशबोर्ड की प्रगति की भी समीक्षा हुई। 17 सितंबर 2026 तक उत्तराखंड ने इसमें 18वां स्थान हासिल किया है, जबकि पिछली समीक्षा में राज्य 24वें स्थान पर था। इस तरह राज्य ने छह स्थान का सुधार किया है।

242 स्थलों की कनेक्टिविटी की समीक्षा

आईसीजेएस 2.0 के तहत राज्य योजना में पुलिस, अभियोजन, कारागार और एफएसएल से जुड़े 242 स्थल शामिल हैं। इनमें 166 पुलिस स्टेशन, 64 अभियोजन स्थल, 10 कारागार और दो एफएसएल स्थल हैं। अधिकारियों ने बताया कि 166 पुलिस स्टेशनों में से 31 का उन्नयन किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने कनेक्टिविटी और उन्नयन कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अलग डेटा रिकवरी सेंटर बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने आईटीडीए को सीसीटीएनएस के लिए अलग डेटा रिकवरी व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे महत्वपूर्ण सेवाओं की निरंतरता, डेटा सुरक्षा और आपात स्थिति में डेटा की रिकवरी क्षमता मजबूत होगी।

उन्होंने गृह विभाग और आईटीडीए को ऐसा तंत्र विकसित करने को कहा, जिससे एफआईआर दर्ज करते समय संबंधित व्यक्तियों का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल और अन्य जरूरी विवरण सही एवं पूर्ण रूप से दर्ज हो सकें। इससे ई-समन और अन्य वैधानिक कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को अगले दो माह में निर्धारित मानकों में सुधार, लक्ष्यों को बढ़ाने और परिचालन प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में आईसीजेएस 2.0 के लिए हार्डवेयर खरीद, बजट और आगामी सीसीटीएनएस 2.0 के तकनीकी सहयोग एवं क्रियान्वयन के लिए नए सिस्टम इंटीग्रेटर के चयन पर भी चर्चा हुई।

बैठक में सचिव गृह शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक एपी अंशुमान, एनआईसी से राकेश शर्मा, अपर सचिव नवनीत पांडे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।