September 18, 2026 11:30 PM

अदाणी पावर प्लांट के आरोपों पर सीएम धामी का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- उत्तराखंड में खत्म हो चुकी है कांग्रेस

देहरादून। छत्तीसगढ़ में अदाणी समूह को दिए गए उत्तराखंड के कोल पावर प्लांट समेत अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार किया है। शुक्रवार को देहरादून में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है और उसके आरोप झूठ की बुनियाद पर हैं।

कोल पावर प्लांट पर सफाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में कांग्रेस सरकार के समय दो कंपनियों के साथ किए गए ऊर्जा करार का खामियाजा आज उत्तराखंड को भुगतना पड़ रहा है। उनके अनुसार राज्य को 31 से 32 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सौदा उत्तराखंड की दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि राज्य को कम दर पर बिजली मिल सके। उन्होंने प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया।

यूआईआईडीबी के आरोपों पर भी जवाब

सरकारी जमीन के आवंटन को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईआईडीबी का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार और निवेश बढ़ाना, पर्यटन को प्रोत्साहित करना तथा नई संभावनाओं को तलाशना है। उन्होंने कांग्रेस के सात हजार बीघा जमीन दिए जाने के आरोप पर कहा कि अब तक यूआईआईडीबी को 45 एकड़ जमीन भी नहीं मिली है।

हल्द्वानी विवाद पर भी कांग्रेस को घेरा

हल्द्वानी के शुद्धिकरण विवाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने वहां दलित मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया, लेकिन उसका असर नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोटों के लिए इस तरह की राजनीति कर रही है।

अंकिता भंडारी मामले पर सीएम का बयान

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के बाद सरकार ने पहले दिन से कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है, जबकि प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं पर न्यायालय में कार्यवाही चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई जांच की संस्तुति की गई थी और जांच जारी है। उन्होंने विपक्ष पर मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी कभी चुनाव आयोग, कभी ईवीएम और कभी प्रशासन को लेकर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास उत्तराखंड में कोई मुद्दा नहीं बचा है और इसी कारण उसके नेता दिल्ली में प्रेस वार्ता कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने देगी और पूर्व में हुई कथित अनियमितताओं को भी सामने लाया जाएगा।