देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन और शादी-विवाह के बढ़ते दौर को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने गैस और ईंधन आपूर्ति को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में घरेलू और कमर्शियल गैस के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल कंपनियों के प्रतिनिधि और सभी जिलों के जिला पूर्ति अधिकारी शामिल हुए। सचिव खाद्य श्री आनंद स्वरूप ने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में आम जनता को गैस की किल्लत का सामना न करना पड़े।
चारधाम यात्रा में रहेगी विशेष व्यवस्था
सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन और शादी-विवाह सीजन में बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
जिलों से सीधे लिया फीडबैक
समीक्षा के दौरान जिला पूर्ति अधिकारियों से सीधा संवाद कर जमीनी स्थिति का फीडबैक लिया गया। अधिकारियों ने गैस की बढ़ती मांग, कमर्शियल सिलेंडरों की खपत, परिवहन और वितरण से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा। सचिव ने इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
तेल कंपनियों को सख्त निर्देश
तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि निर्धारित मानकों के अनुसार आपूर्ति बनाए रखी जाएगी। इस पर सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में गैस एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाते हुए समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जाए।
यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी
सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख पड़ावों पर ईंधन और गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। जिला स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार चारधाम यात्रा के दौरान गैस और ईंधन आपूर्ति को लेकर कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






