September 16, 2026 6:34 PM

कुंभ और विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा का घेरा होगा मजबूत, CM धामी की सुरक्षा भी बढ़ेगी

देहरादून। आगामी कुंभ मेला और विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस के खुफिया तंत्र ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की अध्यक्षता में हुई खुफिया अधिकारियों की बैठक में प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के साथ ही अन्य विशिष्ट लोगों के कार्यक्रमों के लिए भी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने को कहा गया।

बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे जिलों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से घुसपैठ और राष्ट्र विरोधी तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, सेना, खुफिया ब्यूरो, राज्य पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ते के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

चारधाम यात्रा और प्रदेश में लगातार बढ़ रही पर्यटकों व श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने को कहा गया। आगामी कुंभ मेले और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के निर्बाध एवं सुरक्षित संचालन के लिए ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य विशिष्ट लोगों के दौरे बढ़ने की संभावना को देखते हुए सभी चुनावी सभाओं और कार्यक्रमों में कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया। महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए आवश्यक पुलिस बल, तकनीकी उपकरण और अन्य संसाधनों की व्यवस्था समय रहते पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।

राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। वहीं धार्मिक और सरकारी आयोजनों के मद्देनजर चौबीसों घंटे सामाजिक माध्यमों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित होने वाली भ्रामक खबरों को संवेदनशील मुद्दा बताते हुए खुफिया तंत्र को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ और चुनाव जैसे बड़े आयोजनों के दौरान गलत सूचनाओं का प्रभाव अधिक गंभीर हो सकता है। ऐसे में तथ्य जांच की व्यवस्था लागू कर लोगों तक समय रहते सही जानकारी पहुंचाने और संभावित परिस्थितियों को नियंत्रित करने पर जोर दिया गया।