देहरादून। उत्तराखंड में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने और स्थानीय कलाकारों व तकनीकी प्रतिभाओं को पहचान दिलाने की दिशा में उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद की पहल तेज हो गई है। परिषद पहली बार उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार-2024 एवं 2025 का आयोजन करने जा रही है। पुरस्कारों के लिए आवेदन 15 सितंबर से 16 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकेंगे।
पहली बार होंगे राज्य फिल्म पुरस्कार
उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 के तहत आयोजित पुरस्कारों में वर्ष 2024 और 2025 के दौरान प्रदेश में निर्मित अथवा फिल्मांकित फिल्मों को सम्मानित किया जाएगा। उत्तराखंड की क्षेत्रीय बोलियों, हिंदी और संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल अन्य भारतीय भाषाओं में बनी फिल्मों के साथ उत्कृष्ट कलाकारों, तकनीशियनों और फिल्म विधा से जुड़े रचनात्मक लोगों को भी सम्मान मिलेगा।
1440 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग
उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी क्षेत्र, नदियां, झीलें, जंगल और धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक प्रदेश में 1,440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग और अनापत्ति प्रमाण पत्र से संबंधित गतिविधियां दर्ज की गई हैं।
रोजगार के अवसर भी बढ़े
फिल्म निर्माण बढ़ने से होटल, परिवहन, खानपान, स्थानीय सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 52 फिल्मों को अनुदान दिया गया। इनमें हिंदी के साथ गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और अन्य उत्तराखंड की भाषाओं की फिल्में भी शामिल हैं। वर्ष 2025-26 में 25 फिल्मों को अनुदान मिला।
नई फिल्म नीति में कई प्रावधान
फिल्म नीति-2024 में फिल्मांकन के लिए एकल खिड़की व्यवस्था, प्रोत्साहन और अनुदान, फिल्म पुरस्कार, प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, फिल्म सिटी और फिल्म निर्माण के बाद की सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड को केवल फिल्मांकन स्थल नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण के समग्र केंद्र के रूप में विकसित करना है।
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी पहचान
उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म-अनुकूल राज्य के रूप में भी पहचान मिली है। 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में राज्य को फिल्म अनुकूल राज्य और 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में फिल्म अनुकूल राज्य विशेष उल्लेख से सम्मानित किया गया। नैनीताल, मसूरी, देहरादून, ऋषिकेश, टिहरी, चकराता, चोपता, हर्षिल, औली, चारधाम क्षेत्र और जिम कॉर्बेट समेत गढ़वाल व कुमाऊं के कई क्षेत्र प्रमुख फिल्मांकन स्थलों के रूप में पहचान बना चुके हैं।
स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
फिल्म क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को अभिनय, तकनीकी कार्य, फिल्म निर्माण और अन्य संबंधित क्षेत्रों में अवसर देने पर भी जोर दिया जा रहा है। फिल्म विधा के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहन देने जैसी पहल से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
प्रतिभाओं को सम्मान देने की पहल
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार-2024 एवं 2025 का पहला आयोजन स्थानीय फिल्मों, भाषाओं, कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को सम्मान और पहचान देने की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से उत्तराखंड की फिल्म संस्कृति को नई दिशा देने के साथ प्रदेश की प्रतिभाओं, लोक संस्कृति और स्थानीय कथानकों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।





