August 13, 2026 6:56 PM

तकनीकी शिक्षा के लिए बनेगा रोडमैप, पांच-छह स्थानों पर विकसित होंगे तकनीकी शिक्षा हब : मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की स्थिति की जानकारी लेते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच के अंतर को कम करना जरूरी है। इसके लिए प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों से पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का लाभ दिलाने के लिए उन्हें उचित मार्गदर्शन दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से युवाओं को देश की प्रमुख 500 कंपनियों में वास्तविक कार्य अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही उन्हें मासिक वजीफा और एकमुश्त ज्वाइनिंग अनुदान भी दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिलें, इसके लिए तकनीकी शिक्षण संस्थानों में आयोजित होने वाले रोजगार मेलों में विदेशी कंपनियों और रोजगार प्रदाताओं को आमंत्रित किया जाए। इससे युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

पांच-छह स्थानों पर बनेंगे तकनीकी शिक्षा हब

मुख्य सचिव ने प्रदेश में पांच से छह स्थानों को तकनीकी शिक्षा हब के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और छात्रावास सहित सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने नए प्रोजेक्टों के लिए समग्र योजना तैयार करने को कहा, जिसमें प्रयोगशाला, पुस्तकालय, छात्रावास और अन्य आवश्यक सुविधाओं का पूरा खाका शामिल हो। पुराने इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के लिए भी सैचुरेशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि अच्छे और उपयोगी प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं, धन की कमी को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।

अपने संस्थानों को मजबूत करने पर जोर

मुख्य सचिव ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों को इतना सक्षम बनाने पर जोर दिया कि राज्य के विभिन्न विभागों को अध्ययन और परामर्श सेवाओं के लिए बाहर की एजेंसियों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसे मजबूत संस्थान विकसित किए जा सकते हैं, जो सरकारी विभागों को अध्ययन और परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराएं।

इसके लिए तकनीकी शिक्षण संस्थानों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही योग्य शिक्षकों की भर्ती पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मजबूत संकाय के बिना उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा और शोध को आगे बढ़ाना संभव नहीं है।

बैठक में सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर सहित विभिन्न पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

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