देहरादून। सऊदी अरब में बंधक जैसी स्थिति में रह रहे उत्तरकाशी निवासी इंद्रमणि नौटियाल की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के स्तर से मामले में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और मानवीय आधार पर प्रभावी हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
इंद्रमणि नौटियाल वर्ष 2018 में रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे। वहां वह रियाद स्थित पिकक रोड्स एंड कॉन्ट्रेक्टिंग कंपनी में ट्रक चालक के रूप में कार्यरत थे। इसी दौरान वर्ष 2018 में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हो गई थी। इसके बाद सऊदी अरब की न्यायिक प्रक्रिया के तहत उन्हें एक वर्ष के कारावास की सजा हुई थी। साथ ही ट्रक के बीमा और पंजीकरण संबंधी कमी के मामले में कंपनी मालिक पर 9 लाख सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया गया था। इसकी भारतीय मुद्रा में अनुमानित राशि करीब 2.29 करोड़ रुपये बताई गई है।
परिवार का आरोप है कि घटना के कई वर्ष बीतने के बावजूद कंपनी मालिक ने जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं किया है। इसके चलते इंद्रमणि नौटियाल को कथित रूप से बंधक जैसी स्थिति में रखकर जुर्माना अदा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उनकी पत्नी और पुत्री ने उनकी स्वदेश वापसी के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए, लेकिन अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी। इससे परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है।
विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध
मुख्यमंत्री धामी ने विदेश मंत्री को भेजे पत्र में इंद्रमणि नौटियाल को बंधक जैसी स्थिति से मुक्त कराने, आवश्यक न्यायिक एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और उनकी सकुशल भारत वापसी सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देशित करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में कठिन परिस्थितियों में फंसे किसी भी उत्तराखंडी नागरिक की सहायता के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले में प्रभावी हस्तक्षेप की अपेक्षा की, ताकि इंद्रमणि नौटियाल को राहत मिल सके और उनका परिवार अपने प्रियजन की सकुशल स्वदेश वापसी की उम्मीद पूरी कर सके।






