देहरादून: प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से देशवासियों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील के बाद देहरादून के सर्राफा बाजारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि अपील के बावजूद बाजार में खरीदारी कम होने के बजाय लोगों की दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है। कई ग्राहक इसे भविष्य में सोने की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का संकेत मान रहे हैं।
राजधानी देहरादून के धामावाला, पलटन बाजार और अन्य प्रमुख सर्राफा बाजारों में ग्राहकों और व्यापारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। लोगों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोना अब भी सुरक्षित निवेश माना जा रहा है।
शादी की तैयारियों में जुटी ग्राहक मान्या ने बताया कि अगले साल विवाह होने के कारण सोने की खरीदारी टालना संभव नहीं है। उनका मानना है कि यदि अभी खरीदारी नहीं की गई तो आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं। वहीं एक अन्य ग्राहक मोहिनी ने कहा कि सरकार की इस तरह की अपील को आम लोग अक्सर भविष्य के आर्थिक संकेत के रूप में देखते हैं, जिससे लोगों में जल्द खरीदारी की मानसिकता बन रही है।
व्यापारियों का कहना है कि सोना भारतीय समाज में सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि परंपरा और सामाजिक जरूरत का हिस्सा है। देहरादून सर्राफा मंडल के अध्यक्ष सुनील मेसन ने कहा कि बाजार में किसी वस्तु को लेकर अनिश्चितता पैदा होने पर उसकी मांग बढ़ने लगती है। उनके मुताबिक यदि लोगों को लगता है कि भविष्य में सोना महंगा हो सकता है, तो वे खरीदारी बढ़ा देते हैं।
सर्राफा व्यापारी आकाश का कहना है कि फिलहाल बाजार में किसी बड़ी गिरावट के संकेत नहीं हैं। ग्राहक लगातार यह पूछ रहे हैं कि क्या आने वाले समय में सोने की कीमतों में और उछाल आएगा। वहीं व्यापारी अभिषेक कक्कड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और आर्थिक दबाव पहले से ही सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं, ऐसे में लोग प्रधानमंत्री की अपील को भी उसी संदर्भ में देख रहे हैं।
व्यापारी हर्ष रस्तोगी के मुताबिक प्रधानमंत्री की अपील के बाद ग्राहकों के बीच असमंजस की स्थिति जरूर बनी है। कई लोग यह सोचकर जल्दी खरीदारी कर रहे हैं कि भविष्य में सोना और महंगा हो सकता है। वहीं वीरपाल सिंह का कहना है कि भारतीय परिवारों के लिए सोना सामाजिक सुरक्षा और पारिवारिक परंपरा का हिस्सा है, इसलिए किसी अपील से खरीदारी की आदत तुरंत बदलना आसान नहीं है।
कुल मिलाकर देहरादून के सर्राफा बाजारों में प्रधानमंत्री की अपील का असर फिलहाल मनोवैज्ञानिक ज्यादा नजर आ रहा है। बाजार में खरीदारी जारी है, लेकिन लोगों के मन में भविष्य की कीमतों और आर्थिक हालात को लेकर सवाल जरूर बढ़ गए हैं।
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