देहरादून: देहरादून में कांग्रेस ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता Alok Sharma ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियां लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने कहा कि लगातार विवादों में रहने वाली NTA की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस एजेंसी को बड़े स्तर की परीक्षाएं कराने की अनुमति किस स्तर से दी गई।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने में विफल रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को “फेल शिक्षा मंत्री” बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए और इसके लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया जाए। साथ ही NTA को भंग कर उसका फॉरेंसिक और फाइनेंशियल ऑडिट कराने की मांग भी उठाई गई।
आलोक शर्मा ने कहा कि यदि NEET की दोबारा परीक्षा कराई जाती है तो उसका आयोजन NTA के बजाय किसी अन्य विश्वसनीय संस्था जैसे CBSE या UPSC से कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों को केंद्र सरकार कम से कम 10 हजार रुपये मुआवजे के रूप में दे।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से मेहनती और ईमानदार छात्रों का मनोबल टूट रहा है। पार्टी ने कहा कि सरकार को इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।






