देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को परेड ग्राउंड में आयोजित लोक संवर्धन पर्व के अंतर्गत हरेला उत्सव में प्रतिभाग करते हुए प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, सामाजिक समरसता और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का जनआंदोलन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला उत्तराखंड की ऐसी लोक परंपरा है, जो समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में जोड़ती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हरेला पर्व पर पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए प्रत्येक नागरिक से अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान के तहत उत्तराखंड में दो करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक करीब 1 करोड़ 15 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और सरकार इसी सोच के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व राज्य के लोक कलाकारों, शिल्पकारों, बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को प्रोत्साहन देने का महत्वपूर्ण मंच है। स्थानीय उत्पादों की खरीद से न केवल उनकी आजीविका मजबूत होगी, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान मिलेगी। उन्होंने प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके गीतों ने उत्तराखंड की संस्कृति और लोकजीवन को देश-दुनिया तक पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से लोक संवर्धन पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा पर्यावरण संरक्षण, लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, मेयर सौरभ थपलियाल, लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी, लोक कलाकार, शिल्पकार, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।







