September 23, 2026 11:55 AM

नंदा-सुनंदा की भक्ति में सराबोर नैनीताल, CM धामी ने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

नैनीताल। मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के रंग में मंगलवार को नैनीताल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महोत्सव में शामिल होकर मां नंदा-सुनंदा के श्रीचरणों में नमन किया और प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने मां नंदा-सुनंदा की आरती में भी भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का उत्सव है। लोकगीत, झोड़ा-चांचरी, ढोल-दमाऊं सहित लोक संस्कृति की विविध परंपराएं इस आयोजन के माध्यम से जीवंत होती हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाज को अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व होता है, वह आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।

विकास के साथ विरासत संरक्षण पर जोर

धामी ने कहा कि राज्य सरकार विकास भी और विरासत भी के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ा रही है। केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र में मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत प्रमुख पौराणिक और धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। मां नैना देवी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर समेत धार्मिक स्थलों के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं को रोजगार, मातृशक्ति को स्वरोजगार के अवसर और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा। सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और संपर्क सुविधाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।

भूमि और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ देवभूमि की भूमि, संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में किए गए भूमि कानून संशोधन के तहत 11 पर्वतीय जिलों में बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा कृषि एवं उद्यान श्रेणी की भूमि खरीद पर रोक का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने समान नागरिक संहिता का जिक्र करते हुए कहा कि इसके माध्यम से महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता 27 जनवरी 2025 से लागू है।

35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर

धामी ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार का अवसर मिला है।

मातृशक्ति के उत्पादों को मिलेगा बाजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और अन्य माध्यमों से स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। स्थानीय उत्पादों को उचित बाजार और उचित मूल्य मिलने से महिलाओं की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने महोत्सव के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने मां नंदा-सुनंदा से देवभूमि पर अपनी कृपा बनाए रखने और प्रदेश को निरंतर खुशहाल एवं समृद्ध बनाने की प्रार्थना की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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