देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 2 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बने निम्न दबाव के क्षेत्र, मानसून ट्रफ और उत्तर पाकिस्तान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर तेज हो सकता है।
30 अगस्त को देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर में भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं तीव्र से अति तीव्र बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा।
एक सितंबर को देहरादून और टिहरी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 2 सितंबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
भूस्खलन और जलभराव का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी से बहुत भारी बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों पर मलबा आने की घटनाएं हो सकती हैं। इससे सड़कें और राजमार्ग बाधित होने की आशंका है। वहीं निचले इलाकों में जलभराव के साथ नदियों और गदेरों में अचानक बाढ़ का खतरा भी बना रह सकता है।
भारी बारिश से कच्चे मकानों, निर्माणाधीन पुलों और खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। बिजली और पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने के साथ हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नदियों, नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा की योजना बनाने और अत्यावश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की गई है।





