देहरादून। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कांग्रेस पर दलित सम्मान के नाम पर भ्रम फैलाने और राजनीतिक लाभ के लिए मामले को तूल देने का आरोप लगाया।
खजान दास ने कहा कि भाजपा हमेशा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने की पक्षधर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही है, उसका आयोजन श्रीराम सेना धर्मार्थ न्यास नाम की सामाजिक संस्था ने किया था। भाजपा का इस संस्था से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में कार्यक्रम को सीधे भाजपा से जोड़ना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि कार्यक्रम के पीछे किसी प्रकार की दलित विरोधी भावना नहीं थी। संस्था के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में लगाए गए कथित धार्मिक नारों और कथित हिंदू विरोधी तत्वों की मौजूदगी के विरोध में शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
खजान दास ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोपों से बचने के लिए जातीय राजनीति को ढाल बना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को तथ्यों को नकारकर जनता में भ्रम फैलाने के बजाय सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में काम करना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि रामलीला मैदान से जुड़े विवाद में कथित धार्मिक नारों को लेकर कांग्रेस नेता चुप क्यों हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाकर अपने असहज सवालों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
राहुल गांधी के बयान पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी की ओर से दलित सम्मान और सामाजिक भेदभाव को लेकर दिए जा रहे बयानों पर भी खजान दास ने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े राजनीतिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने अतीत का हिसाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में डॉ. आंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया गया और बाद में वर्ष 1990 में उन्हें यह सम्मान मिला। खजान दास ने आरोप लगाया कि आज आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस का दलित प्रेम केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है।
भाजपा नेता ने उत्तराखंड कांग्रेस से जुड़े पुराने विवाद का भी उल्लेख किया और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से संबंधित घटना का हवाला देते हुए कांग्रेस के दलित सम्मान के दावों पर सवाल उठाए।
रुद्रपुर मामले पर भी कांग्रेस को घेरा
खजान दास ने रुद्रपुर में मौलाना की ओर से दी गई कथित धमकी के मामले को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस इस मामले पर खुलकर विरोध क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि कथित धमकी और भय की राजनीति के खिलाफ उसके नेताओं का रुख क्या है।
खजान दास ने कांग्रेस से भ्रम और विभाजन की राजनीति से ऊपर उठकर उत्तराखंड में भाईचारे, शांति, एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा जाति, धर्म और वर्ग के आधार पर समाज को बांटने की राजनीति का समर्थन नहीं करती।





