July 4, 2026 12:22 AM

उत्तराखंड में स्किल, रोजगार और कार्बन क्रेडिट पर बढ़ेगा फोकस, यूएनडीपी देगा तकनीकी सहयोग

देहरादून। उत्तराखंड सरकार और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के बीच कौशल विकास, रोजगार, कार्बन क्रेडिट, डिजिटल गवर्नेंस और सतत विकास के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी है। शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से यूएनडीपी भारत की डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री ईजाबेल त्शान ने शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न विकास कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने यूएनडीपी से स्किल डेवलपमेंट, आजीविका संवर्धन, कार्बन क्रेडिट और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में तकनीकी सहयोग देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जन्म से ही बच्चों की डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली विकसित करने और ऑनलाइन सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिसमें यूएनडीपी की विशेषज्ञता उपयोगी साबित हो सकती है।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, ऐसे में कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में उत्तराखंड के पास व्यापक संभावनाएं हैं। इस दिशा में तकनीकी सहयोग मिलने से पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

यूएनडीपी की डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री ईजाबेल त्शान ने बताया कि संगठन उत्तराखंड में सुशासन, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी), सार्वजनिक नीति, उद्यमिता, सूचना प्रौद्योगिकी, निगरानी एवं मूल्यांकन, क्षमता निर्माण और निजी क्षेत्र के सहयोग जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और यूएनडीपी के बीच हुए व्यापक समझौता ज्ञापन के तहत जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, कौशल विकास, सर्कुलर इकोनॉमी और ज्ञान प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग जारी रहेगा।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव नरेंद्र सिंह भंडारी तथा यूएनडीपी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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