May 16, 2026 12:43 PM

उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव में दीपक जोशी की बड़ी जीत, अध्यक्ष पद पर फिर जमाया कब्जा

देहरादून:  उत्तराखंड सचिवालय संघ के द्विवार्षिक चुनाव का परिणाम घोषित हो गया है। कई दिनों से चले चुनावी मुकाबले के बाद कर्मचारियों ने अपने नए प्रतिनिधियों का चयन कर लिया है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा अध्यक्ष पद को लेकर रही, जहां दीपक जोशी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए एक बार फिर सचिवालय संघ की कमान अपने हाथ में ले ली।

अध्यक्ष पद के लिए दीपक जोशी और प्रदीप पपनै के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा था। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों खेमों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। मतदान के बाद आए परिणामों में दीपक जोशी को 594 वोट मिले, जबकि प्रदीप पपनै को 485 मत प्राप्त हुए। इस तरह दीपक जोशी ने 109 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

दीपक जोशी की जीत को सचिवालय राजनीति में मजबूत जनसमर्थन और बड़ी वापसी के रूप में देखा जा रहा है। परिणाम घोषित होते ही उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला और सचिवालय परिसर में देर तक जश्न चलता रहा।

अन्य पदों पर भी हुए दिलचस्प मुकाबले

वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर राकेश जोशी ने जीत हासिल की। उन्होंने अभिनव भट्ट को कड़ी टक्कर दी।

उपाध्यक्ष पद पर संजय कुमार शर्मा विजयी रहे, जबकि जगत सिंह डसीला और दिनेश उनियाल को हार का सामना करना पड़ा।

महिला उपाध्यक्ष पद पर प्रमिला टम्टा ने बड़ी जीत दर्ज की। उन्हें 630 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंदी रेनू भट्ट को 451 वोट प्राप्त हुए।

वहीं महासचिव पद पर राजेंद्र रतूड़ी ने जीत हासिल की। उन्होंने विमल जोशी को हराकर महासचिव पद अपने नाम किया।

सचिव पद पर अतुल कुमार सिंह विजयी रहे। उन्हें 498 वोट मिले। उन्होंने अमित कुमार और पुष्कर सिंह नेगी को हराया।

कर्मचारियों की उम्मीदें नई टीम पर टिकीं

चुनाव प्रचार के दौरान कर्मचारियों के हित, पदोन्नति, सुविधाएं और कार्य परिस्थितियों जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए थे। अब नई कार्यकारिणी के गठन के बाद कर्मचारियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनावी वादों को जमीन पर कितना उतारा जाता है।

कर्मचारियों का कहना है कि नई टीम को केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सचिवालय कर्मियों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे। फिलहाल सचिवालय संघ चुनाव समाप्त होने के साथ सचिवालय की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है।

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