देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी संस्थानों, नगर निकायों और धार्मिक स्थलों को मिले धमकी भरे ईमेलों के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने धमकी भरे ईमेलों को अत्यंत गंभीरता से लिया है और संबंधित एजेंसियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या संगठन इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में मसूरी नगर पालिका, हरिद्वार नगर निगम समेत कुछ संस्थानों को भेजे गए ईमेलों में हरिद्वार, ऋषिकेश, केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। कई ईमेल पंजाबी भाषा में लिखे गए थे, जिनमें कथित तौर पर खालिस्तान समर्थक संदर्भ भी पाए गए हैं। इसके बाद पुलिस, खुफिया एजेंसियों और साइबर विशेषज्ञों ने जांच तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, जहां चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु आते हैं। राज्य सरकार सभी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह कानून को अपने हाथ में लेने का प्रयास करता है या प्रदेश की धार्मिक और सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत करने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की शांति और सांप्रदायिक सौहार्द से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को हर हाल में कानून के दायरे में लाया जाएगा।





