बद्रीनाथ धाम बनेगा ‘स्प्रिचुअल हिल टाउन’, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की मास्टर प्लान की समीक्षा

देहरादून: उत्तराखंड सरकार अब बद्रीनाथ धाम को एक आधुनिक “स्प्रिचुअल हिल टाउन” के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि बद्रीनाथ धाम को एक आध्यात्मिक स्मार्ट हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध और बहुआयामी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य और सुव्यवस्थित अनुभव उपलब्ध कराना है।

अधिकारियों ने बताया कि मास्टर प्लान के अंतर्गत क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए कई विशेष स्थलों का विकास किया जा रहा है। देव दर्शनी पॉइंट को इस तरह विकसित किया जाएगा कि श्रद्धालुओं को यहां से बद्रीनाथ धाम के प्रथम दर्शन भव्य और दिव्य स्वरूप में हो सकें। वहीं बद्रीनारायण चौक को एक प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में तैयार किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

मास्टर प्लान के तहत बद्रीनाथ धाम की आईएसबीटी वॉल पर स्थानीय कला और धार्मिक विषयों पर आधारित भित्ति चित्र बनाए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जा सके। वहीं वसुधा वाटिका के माध्यम से प्रकृति, आध्यात्मिकता और उत्तराखंड की पारंपरिक कला को दर्शाते हुए आकर्षक लैंडस्केप विकसित किए जाएंगे।

योजना में भगवान विष्णु से जुड़े प्रतीकों को भी विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत पाञ्चजन्य शंख, कौमोदकी गदा, सुदर्शन चक्र और वैकुंठ द्वार जैसी भव्य कलाकृतियों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा शेषनेत्र कलाकृति और पंच तत्व थीम आधारित संरचनाएं भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक ऊर्जा को प्रदर्शित करेंगी। रामायण और महाभारत काल से जुड़े प्रतीकों को भी योजना में शामिल किया गया है।

श्रद्धालुओं के लिए दिया आरती स्थल को भी विशेष रूप से विकसित किया जाएगा, ताकि यहां होने वाली आरती एक दिव्य और यादगार अनुभव बन सके। वहीं पूरे क्षेत्र में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल स्ट्रीटस्कैप विकसित करने की योजना है, जिसके तहत पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा, साइनेज और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य और आकर्षक बनाने के लिए मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के पूर्ण होने के बाद बद्रीनाथ धाम आस्था, आधुनिकता और प्रकृति के संतुलित संगम के रूप में स्थापित होगा और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

बैठक में सचिव शैलेश बगोली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त सचिव अनिल जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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