October 28, 2026 3:15 PM

चुनाव 2027 की तैयारी तेज, 12,543 मतदान केंद्रों का होगा निरीक्षण; लाइसेंसी हथियार जमा कराने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के सभी 12,543 मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान मतदान केंद्रों के भवनों की स्थिति और बिजली, पेयजल, शौचालय तथा रैंप जैसी बुनियादी सुविधाओं की जांच होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने मंगलवार को सभी जिलों के जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान और ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक मतदान केंद्र का निरीक्षण कर उसकी स्थिति का आकलन किया जाए। जिन भवनों की हालत जर्जर मिलेगी, वहां मतदान केंद्र को नजदीकी सरकारी भवन में स्थानांतरित करने की विधिवत प्रक्रिया अपनाई जाएगी। निरीक्षण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि मतदान के दिन दिव्यांग, बुजुर्ग और महिला मतदाताओं को परेशानी न हो।

मतदाता सूची सुधारने के लिए 10 दिन का विशेष अभियान

मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर करने के लिए आगामी 10 दिनों तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें मतदाताओं के नाम, आयु, संबंध और संबंधित विवरणों की दोबारा जांच की जाएगी। किसी विवरण में गलती या कमी मिलने पर संशोधन के लिए प्रपत्र-8 भरवाया जाएगा। इसके साथ ही पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्र नाम हटाने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।

एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में 12 नवंबर 2026 से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान शुरू होगा। इसी दिन प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इन पर 28 दिसंबर तक सुनवाई और निस्तारण किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी 2027 को जारी होगी।

राजनीतिक दलों को बताया गया कि दावे और आपत्तियों की अवधि में कोई भी व्यक्ति अधिकतम 10 प्रपत्र-7 आवेदन दे सकता है। वहीं, मतदाता सूची के सतत अद्यतन की अवधि में कोई व्यक्ति हर महीने अधिकतम पांच प्रपत्र-7 आवेदन कर सकेगा।

सभी 13 जिलों में ईवीएम-वीवीपैट की जांच

आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश के सभी 13 जिलों में इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि मतदान केंद्रों की तैयारी, मतदाता सूची में सुधार और मशीनों की जांच तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाएगी, ताकि विधानसभा चुनाव 2027 के लिए निर्वाचन व्यवस्था तैयार रहे।

हरिद्वार में लाइसेंसी हथियारों के सत्यापन के निर्देश

उधर, हरिद्वार जिला प्रशासन ने भी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने जिले में लाइसेंसी शस्त्रों का सत्यापन कर नियमानुसार जमा कराने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों और बूथों की स्थिति का सत्यापन कर दो दिन के भीतर सूची उपलब्ध कराने को कहा। उपजिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं और जरूरी व्यवस्थाओं की जांच करेंगे।

उन्होंने सहायक निर्वाचन अधिकारियों तथा जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती से संबंधित सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा सभी उपजिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं और दिशा-निर्देशों पर समन्वय स्थापित करने को कहा गया।

अवैध शराब पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी की जाएं। उन्होंने दुकानदारों और बैंकों में तैनात सुरक्षा गार्डों के पास मौजूद लाइसेंसी शस्त्रों के संबंध में भी आवेदन प्राप्त करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखने तथा इसके खिलाफ लगातार कार्रवाई करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सतर्क रहने और भविष्य में होने वाले निर्वाचन प्रशिक्षण की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।