October 28, 2026 3:15 PM

गैरसैंण विधानसभा सत्र: सदन में रखे गए नौ विधेयक और दो अध्यादेश

गैरसैंण। ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में मंगलवार को उत्तराखंड विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र की शुरुआत हुई। सुबह 11 बजे वंदे मातरम के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई। पहले दिन सदन में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगें सदन में पेश कीं। साथ ही विभिन्न विभागों से जुड़े नौ विधेयक और दो अध्यादेश भी सदन के पटल पर रखे गए। निर्धारित कार्यवाही पूरी होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की बैठक बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

अनुपूरक अनुदान मांगें पेश, फिर विधायी कार्यवाही

सत्र के पहले दिन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगें प्रस्तुत कीं। इनके माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष में पहले से स्वीकृत बजट के अतिरिक्त आवश्यक खर्चों के लिए सदन से मंजूरी मांगी जाती है। हालांकि, जारी कार्यसूची में अनुपूरक बजट की कुल धनराशि का उल्लेख नहीं किया गया था। इसके बाद सदन में विभिन्न विभागों से संबंधित विधेयकों और अध्यादेशों को प्रस्तुत करने की कार्यवाही आगे बढ़ी।

सदन में रखे गए नौ विधेयक

सरकार की ओर से पहले दिन सदन के पटल पर नौ विधेयक रखे गए। इनमें सिंचाई, वित्तीय प्रबंधन, निवेश, जन विश्वास, अल्पसंख्यक शिक्षा, नागरिक विधि, अग्निशमन सेवाओं, माल एवं सेवा कर और निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े विधेयक शामिल हैं।

सदन में रखे गए विधेयकों में उत्तराखंड सिंचाई जल निकासी विधेयक, 2026; उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026; उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) (संशोधन) विधेयक, 2026; उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) द्वितीय विधेयक, 2026; उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2026; उत्तराखंड सिविल विधि (संशोधन) विधेयक, 2026; उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026; उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं।

दो अध्यादेश भी सदन के पटल पर रखे

विधेयकों के साथ सरकार ने दो अध्यादेश भी सदन के पटल पर रखे। इनमें उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम (संशोधन) अध्यादेश, 2026 और उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 शामिल हैं। कार्यसूची के अनुसार, अल्पसंख्यक शिक्षा से संबंधित अध्यादेश अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और माल एवं सेवा कर से संबंधित अध्यादेश मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्तुत किया जाना निर्धारित था।