October 21, 2026 4:25 AM

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट पर भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में मुकदमा, सरकार ने निवेश के आंकड़े किए स्पष्ट

देहरादून। उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 और प्रदेश में निवेश को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक एवं अनधिकृत सामग्री प्रसारित करने के मामले में राजपुर थाने में एक सोशल मीडिया खाता संचालक और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने निवेश से जुड़े आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं का विवरण सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि तथ्यों की पूरी जानकारी के बिना निवेश को लेकर भ्रामक धारणा बनाना उचित नहीं है।

पुलिस को दी गई शिकायत में अपर निदेशक स्तर के अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया मंचों पर राज्य में निवेश और सरकार के प्रयासों को लेकर कथित रूप से भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि इससे प्रदेश की निवेश संबंधी छवि और औद्योगिक माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह चौहान को सौंपी है।

3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौतों पर हुए थे हस्ताक्षर

सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे ने बताया कि दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान करीब 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए थे। इनमें से एक लाख एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है। उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए समय-समय पर ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किए गए और निवेशकों की सहायता के लिए निवेश मित्रों की व्यवस्था की गई।

उन्होंने बताया कि निवेश से संबंधित आंकड़े उद्योग विभाग, यूके स्पाइस और एकल खिड़की व्यवस्था के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इनमें परियोजनाओं, संबंधित विभागों और उनके स्थान से जुड़ी जानकारी दर्ज है। सरकार का कहना है कि निवेशकों के साथ लगातार संवाद कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

छोटे कारोबार और स्थानीय निवेश को भी बताया अहम

विनय शंकर पांडे ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। प्रदेश का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जबकि भारी उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं मुख्य रूप से देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में अधिक हैं। ऐसे में राज्य की औद्योगिक नीतियां पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं।

उन्होंने कहा कि निवेश का महत्व केवल उसकी राशि से नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाले रोजगार और आजीविका के अवसरों से भी तय होता है। यदि कोई स्थानीय व्यक्ति अपनी बचत से छोटा कारोबार शुरू कर अन्य लोगों को रोजगार देता है, तो उसका योगदान भी राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार बड़े उद्योगों के साथ छोटे कारोबार, स्थानीय उद्यमियों और स्वरोजगार को भी प्रोत्साहित कर रही है।

24 हजार करोड़ के निवेश की अगली तैयारी

सचिव उद्योग ने बताया कि करीब 24 हजार करोड़ रुपये के निवेश की अगली खेप को धरातल पर उतारने की तैयारी की जा रही है। इससे संबंधित जानकारी भी एकल खिड़की व्यवस्था के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही चौथा ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने मीडिया और अन्य संबंधित लोगों से अपील की कि वे निवेश परियोजनाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करें, उद्यमियों से बातचीत करें और धरातल पर हुए कार्यों का आकलन तथ्यों के आधार पर करें। उनके अनुसार, ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए देश के प्रमुख महानगरों और विदेशों में रोड शो आयोजित किए गए थे। इसके अलावा गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों सहित सभी जनपदों में निवेश सम्मेलनों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों को भी आमंत्रित किया गया।

पुलिस कर रही मामले की जांच

एसपी सिटी शेखर सुयाल के अनुसार, मामले में एक व्यक्ति और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी को मामले की पड़ताल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

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