October 8, 2026 7:44 PM

संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने की तैयारी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आधुनिक माध्यमों पर दिया जोर

देहरादून: उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम् के शासी निकाय की तीसरी बैठक मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई। बैठक में संस्थान की गतिविधियों, वार्षिक कार्ययोजना, बजट और संस्कृत के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने संस्कृत संस्थानम् की गतिविधियों और संस्कृत स्पर्धाओं में बढ़ रही प्रतिभागियों की संख्या पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने आदर्श संस्कृत ग्रामों को प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थलों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड की संस्कृत संस्कृति को करीब से जानने और उसका अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आधुनिक माध्यमों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। संस्थान की वेबसाइट पर संवादात्मक ऑनलाइन पाठ्यक्रम विकसित करने, छोटी-छोटी जानकारीपरक रील बनाने तथा मोबाइल ऐप और सामाजिक माध्यमों का उपयोग बढ़ाने को कहा। संस्कृत की उपयोगिता को व्यापक स्तर पर समझाने के लिए मंत्र चिकित्सा, वैदिक गणित, वेद अध्ययन केंद्र और विभिन्न संगोष्ठियों जैसी गतिविधियों को भी विस्तार देने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने संस्कृत सीखने के लिए सरल आदर्श संस्कृत ग्राम मॉडल और शिक्षक कौशल विकास मॉडल तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन शिविरों को नियमित गतिविधि के रूप में विकसित किया जाए। इनमें स्कूली बच्चों के भ्रमण कार्यक्रम और शिविर आयोजित किए जा सकते हैं। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में संस्कृत के प्रचार-प्रसार के साथ संस्थान की गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

बैठक में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, अपर सचिव नवनीत पांडेय सहित शासी निकाय के सदस्य और संस्थान के अधिकारी उपस्थित रहे।

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