नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता सेवानिवृत्त हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर मुख्य न्यायाधीश की अदालत में पूर्ण पीठ विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और बार एसोसिएशन के सदस्यों ने उन्हें विदाई दी।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें लगभग नौ महीने के सीमित कार्यकाल में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। उन्होंने नैनीताल शहर और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं से मिले स्नेह के प्रति आभार जताया।
उन्होंने राज्य में न्यायाधीशों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के 11 पदों की संख्या पूरी नहीं हो सकी है। पदों को भरने के संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द निर्णय लेगी, जिससे न्यायालय में आवश्यक संख्या पूरी होने के साथ लोगों को समय पर न्याय मिल सकेगा।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीसीएस रावत ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां रहीं। उन्होंने न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के प्रयास को अहम बताते हुए कहा कि पदों के भरने से उत्तराखंड के लोगों को सुलभ, सस्ता और शीघ्र न्याय मिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश को विदाई देना भावुक क्षण है और उन्होंने उच्च न्यायालय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने किया। इस अवसर पर महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीसीएस रावत और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी सहित अन्य वक्ताओं ने विदाई संदर्भ प्रस्तुत किए। समारोह में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जेसीएस रावत, पूर्व न्यायाधीश एवं सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश बीके बिष्ट, रजिस्ट्रार जनरल, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता और नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।









