September 23, 2026 12:01 PM

किच्छा में स्ट्रांग रूम को लेकर घमासान, विधायक बेहड़ और पूर्व विधायक शुक्ला भिड़े, कांग्रेस प्रत्याशी ने मतपेटियां बदलने की आशंका जताई

रुद्रपुर। उधम सिंह नगर जिले में किच्छा नगर पालिका और सिरौली कलां नगर पंचायत चुनाव के बाद स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और मतपेटियों को लेकर विवाद गहरा गया। कांग्रेस के नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने छह मतपेटियों को बदले जाने की आशंका जताते हुए निर्वाचन आयोग और प्रशासन से जांच की मांग की। विवाद के दौरान कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मतपेटियों में बदलाव या किसी तरह की धांधली के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

तिरपाल को लेकर शुरू हुआ विवाद

स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था और उसके सामने लगाए गए तिरपाल को लेकर कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह भी समर्थकों के साथ धरने में शामिल हो गए। मामला बढ़ने पर पुलिस और प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात किया।

इसी दौरान भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं और भाजपा नेता के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए। इसी दौरान राजेश शुक्ला और राजेश प्रताप सिंह के बीच हाथापाई होने की बात भी सामने आई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को हिरासत में लिया।

विधायक बेहड़ ने लगाया मारपीट का आरोप

तिलकराज बेहड़ ने आरोप लगाया कि राजेश शुक्ला और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। वहीं राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राजेश शुक्ला ने बाद में कहा कि यदि उनके राजनीतिक रूप से सक्रिय रहने पर किसी को आपत्ति है तो वह राजनीति से संन्यास लेने तक के लिए तैयार हैं।

देर रात मतपेटियों को लेकर फिर हंगामा

मतदान समाप्त होने के बाद देर रात कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने स्ट्रांग रूम में रखी छह मतपेटियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मतपेटियों को बदले जाने की आशंका है और कुछ मतपेटियों में कथित तौर पर ‘जग्गू’ नाम पर दोहरी मोहर लगाए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मामले की जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की।

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी देर रात मौके पर पहुंचे और राजेश प्रताप सिंह के आरोपों का समर्थन किया। उन्होंने छह मतपेटियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की और तत्काल मतगणना कराने पर कांग्रेस प्रत्याशी की जीत का दावा किया। यह राजनीतिक दावा है और मतगणना के परिणाम के बिना इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस ने आयोग से मांगी कार्रवाई

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने किच्छा और सिरौली कलां की चुनावी प्रक्रिया को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस की ओर से भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम देखने गए कांग्रेस प्रत्याशी और विधायक तिलकराज बेहड़ के साथ मारपीट की गई। उनके बयान राजनीतिक आरोप हैं।

भाजपा ने आरोपों को बताया अफवाह

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कांग्रेस के मतपेटियों से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले ही हार मान चुकी है और भाजपा पर मतपेटियों से छेड़छाड़ कर जीत हासिल करने की अफवाह फैलाई जा रही है।

किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के संदीप अरोड़ा और कांग्रेस के राजेश प्रताप सिंह के बीच मुकाबला है। मतदान के बाद मतपेटियां स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं। मतगणना को लेकर मामला न्यायालय में लंबित है और फिलहाल अगले आदेश तक मतगणना स्थगित है। स्ट्रांग रूम के बाहर पुलिस बल तैनात है।

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