August 30, 2026 6:31 PM

‘उत्तराखंड में जातिगत भेदभाव नहीं’, शुद्धिकरण विवाद पर सीएम धामी का राहुल गांधी को जवाब

हल्द्वानी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुद्धिकरण कार्यक्रम में शामिल लोग भाजपा के पदाधिकारी या कार्यकर्ता नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि धार्मिक संगठनों ने रामलीला स्थल पर कथित धार्मिक उन्माद और आपत्तिजनक नारों के विरोध में यह कार्यक्रम किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीला मैदान एक पवित्र स्थल है, जहां धार्मिक आयोजन होते हैं। उनके अनुसार, रैली के दौरान कथित तौर पर धार्मिक कट्टरता वाले नारे लगाए गए और इसी के विरोध में धार्मिक संगठनों ने शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया।

धामी ने जातिगत भेदभाव के राहुल गांधी के आरोपों पर कहा कि उत्तराखंड में किसी व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर भेदभाव की बात स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने हल्द्वानी के लोगों से सवाल करते हुए कहा कि प्रदेश में आज कौन मानेगा कि यहां जातिगत भेदभाव मौजूद है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ काम किए जाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी, पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम और डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में इन नेताओं को उचित सम्मान नहीं दिया।

धामी ने कांग्रेस पर इस पूरे मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है और वह चुनावी लाभ के लिए इस विवाद के जरिए नया राजनीतिक विमर्श खड़ा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोग जाति और पहचान के आधार पर किसी का अपमान करने में विश्वास नहीं रखते और प्रदेश ने हमेशा देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों का स्वागत किया है।