July 29, 2026 11:52 PM

हरिद्वार में मदरसों के पंजीकरण की रफ्तार धीमी, 271 में से केवल 47 ने किया आवेदन

हरिद्वार। उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड भंग होने के बाद शिक्षा विभाग के अंतर्गत पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है, लेकिन हरिद्वार में इसकी रफ्तार काफी धीमी दिखाई दे रही है। जिले के 271 मदरसों में से अब तक केवल 47 मदरसों ने ही पंजीकरण के लिए आवेदन किया है।

स्थिति की समीक्षा के लिए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित जिला कार्यालय में मदरसा संचालकों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी संचालकों से निर्धारित नियमों के तहत जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की अपील की और कहा कि इससे मदरसों की व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

डॉ. गांधी ने स्पष्ट किया कि बिना मान्यता के किसी भी मदरसे में शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई संस्था बिना मान्यता के मदरसा संचालित करती पाई गई तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मदरसों का संचालन बंद हो चुका है, वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का प्रवेश नजदीकी सरकारी विद्यालयों में कराया जाए।

जिला माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अभिषेक शुक्ला ने बताया कि प्राप्त 47 आवेदनों में से 5 मदरसों को मान्यता दी जा चुकी है। 18 आवेदनों पर विचार किया जा रहा है, जबकि 24 मामलों में स्थलीय निरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही अंतिम मान्यता प्रदान की जाएगी।

बैठक में मौजूद मदरसा संचालकों और समाज के प्रतिनिधियों ने भी धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए सभी संस्थानों से सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने और समय पर पंजीकरण कराने की अपील की।