July 4, 2026 1:59 AM

उत्तराखंड में SIR: मतदाता सूची में 8 लाख नामों की पड़ताल, 14 जुलाई से शुरू होगी दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के अंतिम चरण में निर्वाचन विभाग के सामने करीब 8.32 लाख एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत) मतदाताओं का सत्यापन सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। अभियान 7 जुलाई को पूरा होगा, जबकि 14 जुलाई को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद एक महीने तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।

निर्वाचन विभाग के अनुसार राज्य में कुल 79.60 लाख मतदाता हैं, जिनमें से लगभग सभी को गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। अब तक 70.83 लाख से अधिक गणना फॉर्म का डिजिटलीकरण भी पूरा हो चुका है, जो कुल प्रक्रिया का करीब 89 प्रतिशत है।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि एएसडी श्रेणी में दर्ज मतदाताओं का एक बार फिर बूथ स्तर पर सत्यापन कराया जा रहा है। बीएलओ और बीएलए के सहयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे और अपात्र अथवा दोहराव वाले नामों को चिन्हित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। वहीं 11 सितंबर तक नोटिस जारी कर सभी मामलों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी।

निर्वाचन विभाग ने दावे-आपत्तियों के निस्तारण के लिए प्रदेशभर में 70 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और 800 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) की तैनाती की है। पर्वतीय क्षेत्रों में न्याय पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जबकि मैदानी जिलों में तहसील, नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर शिविर आयोजित कर मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

विभाग के अनुसार एएसडी श्रेणी में सबसे अधिक मतदाता ऊधमसिंह नगर (1.86 लाख), देहरादून (1.86 लाख) और हरिद्वार (1.21 लाख) में दर्ज किए गए हैं। यही वजह है कि इन तीनों जिलों में विशेष निगरानी और दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में केवल पात्र मतदाता ही सूची में शामिल रहें।

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