नैनीताल : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश सरकार पर आपदा प्रबंधन में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अगले पांच दिन के भीतर आपदा प्रभावितों को राहत नहीं मिली तो कांग्रेस पहले उपवास करेगी, फिर भी मदद नहीं मिलेगी तो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने रामगढ़, ओखलकांडा समेत जिले के पर्वतीय इलाकों को आपदाग्रस्त घोषित करने की मांग भी की है।

शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री ने नैनीताल के तल्लीताल बाजार, हरिनगर व बलियानाला भूस्खलन प्रभावितों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता की। उन्होंने कहा सरकार को भविष्य में नदी नालों के किनारे खतरे वाले जगहों पर रहने वाले परिवारों के लिए बचाव की व्यवस्था करनी चाहिए। सरकार को युद्धस्तर पर आपदा प्रबंधन में जुटना चाहिए। उन्होंने कहा फिलहाल कांग्रेस ऐसा कुछ नहीं करना चाहती, जिससे सरकार का ध्यान आपदा राहत से हटे लेकिन यदि सरकार ने अगले पांच दिन में प्रभावितों को राहत नहीं दी तो कांग्रेस गूंगी नहीं है, जो चुप बैठेगी।
आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर दर्द जाना
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष के साथ करीब 15 मिनट तक आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर उनका दर्द जाना। इस दौरान बलियानाला संघर्ष समिति के मुख्तार अली ने पूर्व सीएम को बताया कि बलियानाला ट्रीटमेंट के बहाने करोड़ों रुपये बहाए चुके हैं मगर प्रभावितों को इधर-उधर शिफ्ट किया जा रहा है। अब फिर से 40 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है, यह कब बनेगा, किसी को पता नहीं। इस दौरान पूर्व सीएम ने फोन पर डीएम धीराज गब्र्याल से बात कर प्रभावितों को राहत प्रदान करने को कहा, साथ ही कहा कि उन्होंने सीएम रहते प्रभावितों को पटवाडांगर क्षेत्र में विस्थापित करने की कवायद शुरू की थी। इस दौरान महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनमोहन कनवाल, नगर कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम कबड़वाल, धीरज बिष्टï, रमेश पांडे, पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी मंटू, ज्येष्ठï उपप्रमुख हिमांशु पांडे, बंटू आर्या आदि मौजूद थे।







