नई दिल्ली : जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को कहा कि लखीमपुर खीरी घटना के बाद जो लोग उम्मीद कर रहे हैं कि कांग्रेस की सत्ता में फिर से बड़ी वापसी होगी, उनको निराशा ही हाथ लगेगी। प्रशांत किशोर ने कहा कि लखीमपुर मामले से कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष के उठ खड़े होने की उम्मीद लगा रहे लोगों को निराशा हो सकती है क्योंकि देश की सबसे पुरानी पार्टी से जुड़ी समस्याओं का कोई त्वरित समाधान नहीं है। किशोर ने कहा कि कांग्रेस की जड़ों में बहुत खामियां हैं और यह कमजोर हो चुकी है। किशोर ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब कुछ हफ्ते पहले तक उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं।

प्रशांत किशोर ने ट्वीट किया कि लखीमपुर खीरी की घटना के आधार पर देश की सबसे पुरानी पार्टी की अगुवाई में विपक्ष के त्वरित और स्वाभाविक रूप से उठ खड़े होने की उम्मीद लगा रहे लोग निराशा हो सकते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश सबसे पुरानी पार्टी में लंबे समय से घर कर चुकी समस्याओं और ढांचागत कमजोरियों का कोई ठोस हल नहीं है। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में प्रदर्शनकारी किसानों की मौत के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को मौके पर जाते समय हिरासत में लिया गया था और वह दो दिनों तक पुलिस की अभिरक्षा में थीं।
People looking for a quick, spontaneous revival of GOP led opposition based on #LakhimpurKheri incident are setting themselves up for a big disappoinment.
Unfortunately there are no quick fix solutions to the deep-rooted problems and structural weakness of GOP.
— Prashant Kishor (@PrashantKishor) October 8, 2021
इसके बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। इस घटना के बाद कई विपक्षी दलों ने भी लखीमपुर खीरी का मुद्दा उठाकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। बता दें कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में गत रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया गया है।







