September 18, 2026 1:37 PM

पीएम मोदी के जन्मदिवस पर 2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट, सीएम धामी ने 7.52 करोड़ के स्नान घाट का किया लोकार्पण

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर हरिपुर कालसी में मां यमुना का तट आस्था, संस्कृति और विकास के रंग में नजर आया। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत यमुना तट 2100 दीपों से जगमगा उठा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के साथ मां यमुना की आरती में हिस्सा लिया। इस दौरान मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण और हरिघाट का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा 7.52 करोड़ रुपये की लागत से विकसित स्नान घाट भी जनता को समर्पित किया। साथ ही मां यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया गया।

170 मीटर लंबे घाट से बढ़ीं सुविधाएं

यमुना नदी के दायीं ओर विकसित स्नान घाट 170 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा है। परियोजना में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और तट के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। घाट के नदी की ओर 170 मीटर लंबी और पांच मीटर ऊंची दो आरसीसी सुरक्षा दीवारें बनाई गई हैं। करीब 2000 वर्गमीटर क्षेत्र में आरसीसी और लाल बलुआ पत्थर से दो प्लेटफार्म तैयार किए गए हैं। नदी तक सुरक्षित पहुंच के लिए सीढ़ियां और मां यमुना की आरती के लिए चार आरती स्थल बनाए गए हैं।

हरिपुर कालसी देहरादून-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग-507 पर देहरादून से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित है और जौनसार-भाबर का प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है। क्षेत्र धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। आसपास अशोक शिलालेख, देवस्थल मंदिर और अश्वमेघ यज्ञ स्थल जैसे महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं।

सौर रोशनी और सुरक्षा के इंतजाम

घाट पर रात में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए 25 सौर लाइटें लगाई गई हैं। आगंतुकों के बैठने के लिए छायादार स्थान और 12 बेंच स्थापित की गई हैं। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए शौचालय और कपड़े बदलने के कक्षों का नवीनीकरण किया गया है। पेयजल के लिए जलधारा की व्यवस्था की गई है। नदी किनारे करीब 300 मीटर लंबी स्टेनलेस स्टील रेलिंग और जंजीर लगाई गई है, जिससे स्नान और धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण मिल सके।

अब प्रतिदिन होगी मां यमुना की आरती

प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि हरिपुर कालसी का यमुना तट लंबे समय से धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। यहां पहले साप्ताहिक रूप से मां यमुना की आरती होती थी। नए घाट के विकसित होने से अब प्रतिदिन आरती के आयोजन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं। घाट की सुरक्षा दीवारें यमुना का जलस्तर बढ़ने के दौरान तटवर्ती क्षेत्र की सुरक्षा में भी सहायक होंगी।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा विस्तार

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि नए घाट के निर्माण से हरिपुर कालसी के यमुना तट को व्यवस्थित स्वरूप मिला है। स्नान, आरती, बैठने, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने से श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले इस क्षेत्र में विकसित आधारभूत ढांचा स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को विस्तार देने में सहायक होगा।

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