देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित सीनियर भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों के तबादले आखिरकार जारी कर दिए गए हैं। इस सूची में कुल 13 वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
सरकार द्वारा जारी इस तबादला सूची में कई महत्वपूर्ण पदों पर फेरबदल किया गया है। प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल से मुख्य वन संरक्षक (पर्यावरण) की जिम्मेदारी हटाते हुए उन्हें सीईओ कैंपा और नियोजन की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं प्रमुख वन संरक्षक एसपी सुबुद्धि से नोडल की जिम्मेदारी हटा दी गई है, जबकि उनके पास वन पंचायत, अध्यक्ष जैव विविधता बोर्ड और निदेशक राज्य पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी बरकरार रहेगी।
अपर प्रमुख वन संरक्षक विवेक पांडे से वन अनुसंधान प्रबंधन एवं प्रशिक्षण का दायित्व वापस लेते हुए उन्हें परियोजना एवं सामुदायिक वानिकी के साथ सीसीएफ एडमिन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। नरेश कुमार को मुख्य वन संरक्षक प्रशासन की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हाल ही में केंद्र से प्रतिनियुक्ति से लौटे सुरेंद्र मेहरा को वन अनुसंधान प्रबंधन एवं प्रशिक्षण के साथ सतर्कता और विधि प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दी गई है। मीनाक्षी जोशी को नोडल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, साथ ही उन्हें बांस एवं रेशा विकास परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी का दायित्व भी दिया गया है।
सुशांत पटनायक से परियोजना एवं सामुदायिक वानिकी की जिम्मेदारी वापस ली गई है, जबकि उन्हें वनाग्नि और मुख्य वन संरक्षक (पर्यावरण) की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। पी.के. पात्रो को मानव संसाधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पंकज कुमार को नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व से हटाकर वन संरक्षक दक्षिण बनाया गया है, साथ ही उन्हें वन विकास निगम रामनगर के क्षेत्रीय प्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। विनय कुमार भार्गव को वन संरक्षक अनुसंधान की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि आकाश वर्मा को नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
नीतीश मणि त्रिपाठी को दक्षिणी कुमाऊं से हटाकर पश्चिमी वृत्त का वन संरक्षक बनाया गया है। वहीं नीतू लक्ष्मी को वन संरक्षक यमुना के साथ एडिशनल सीईओ CAMPA की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।






