देहरादून। देहरादून के नंदा की चौकी क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया पुल पहली ही तेज बारिश की मार नहीं झेल सका। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली।
लगातार बारिश के बीच पुल के एक हिस्से को नुकसान पहुंचने की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। प्रशासन ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का आकलन शुरू कर दिया है और तकनीकी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल का इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार हुआ होता तो पुल पहली ही बारिश में नुकसानग्रस्त नहीं होता।
प्रशासन का कहना है कि पुल को हुए नुकसान के वास्तविक कारणों की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में निर्माण एजेंसी या किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एहतियात के तौर पर लोगों से सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।





