देहरादून: उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लगातार कई घंटों से हो रही बारिश के चलते राज्य के मैदानी और पर्वतीय दोनों क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राजधानी देहरादून सहित हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से सड़कें बंद हो गई हैं और यातायात प्रभावित हुआ है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 19 से 23 जुलाई तक राज्य के विभिन्न जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। 19 और 20 जुलाई को देहरादून, नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर, टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।
उत्तरकाशी में विशेष सतर्कता
उत्तरकाशी जिले के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके बाद जिला प्रशासन ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक आवागमन प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है। ट्रेकिंग गतिविधियों पर भी मौसम सामान्य होने तक रोक लगाने की सलाह दी गई है।
भूस्खलन से सड़कें बाधित
लगातार बारिश के कारण चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और अन्य पर्वतीय जिलों में कई मोटर मार्गों पर मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पीएमजीएसवाई और बीआरओ की टीमें प्रभावित मार्गों को खोलने में जुटी हुई हैं। हालांकि लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।
प्रशासन की अपील
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। सभी जिलों में त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), पुलिस, राजस्व और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर रखी गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
चारधाम यात्रा पर भी नजर
चारधाम यात्रा मार्गों से जुड़े जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने और संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतने को कहा है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रभावित मार्गों को जल्द से जल्द सुचारु करने के प्रयास जारी हैं।






