July 21, 2026 7:44 PM

बदरीनाथ दान चोरी मामले में गरमाई सियासत, गोदियाल ने BKTC अध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप, सीएम से की पद से हटाने की मांग

देहरादून। बदरीनाथ धाम दान चोरी मामले को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेसवार्ता में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष का भतीजा है और उसे वर्तमान अध्यक्ष का संरक्षण प्राप्त था। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हेमंत द्विवेदी को तत्काल पद से हटाने की मांग भी की।

गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति वर्ष 2003 में हुई थी, जबकि वह स्वयं 2013 में बीकेटीसी अध्यक्ष बने थे। उन्होंने दावा किया कि अध्यक्ष बनने से पहले उनका प्रमोद नौटियाल से कोई व्यक्तिगत परिचय नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमोद नौटियाल भाजपा शासनकाल में बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष के रिश्तेदार होने के कारण समिति में कार्यरत हुआ।

गोदियाल ने कहा कि दान चोरी मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी ने जांच के दौरान बयान दिया है कि सभी निर्देश प्रमोद नौटियाल के माध्यम से मिलते थे और प्रमोद को सीधे बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी निर्देश देते थे। उनके अनुसार यह मामला केवल कुछ कर्मचारियों की व्यक्तिगत गलती नहीं, बल्कि एक संगठित तंत्र के तहत संचालित किया गया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि इतने गंभीर आरोपों और जांच के बावजूद हेमंत द्विवेदी को अब तक पद से क्यों नहीं हटाया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच चाहती है तो समिति अध्यक्ष को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए, अन्यथा सरकार को जनता के सामने जवाब देना होगा।

प्रेसवार्ता में गोदियाल ने हेमंत द्विवेदी के पुराने कार्यकाल का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि वर्ष 2011 में तराई बीज निगम के अध्यक्ष रहते हुए उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और उन्हें पद से हटाया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे व्यक्ति को दोबारा बीकेटीसी जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई।

गोदियाल ने कहा कि वह इस पूरे मामले पर किसी भी सार्वजनिक मंच पर बहस के लिए तैयार हैं। उनका आरोप है कि दान चोरी प्रकरण में सामने आए तथ्यों से स्पष्ट है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

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