हल्द्वानी। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार में उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के 43.50 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ किया।
मेजर ध्यानचंद की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना उत्तराखण्ड के खेल क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय खेल शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। विश्वविद्यालय भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल कर ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है। वर्ष 2027 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने और वर्ष 2036 के ओलंपिक में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है, जबकि मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत 14 से 23 वर्ष के खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति देने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। लोहाघाट में प्रदेश का पहला बालिका खेल महाविद्यालय संचालित किया जा रहा है। वहीं, प्रत्येक जिले की खेल पहचान विकसित करने के लिए ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना पर काम किया जा रहा है। विभिन्न खेल विधाओं के लिए 23 नई उच्च तकनीक खेल अकादमियां स्थापित करने की दिशा में भी कार्य चल रहा है।
खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को पुरस्कार
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार और एथलेटिक्स के लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न, क्याकिंग एवं कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य और बॉक्सिंग के मुकेश चंद्र बेलवाल को जीवन पर्यंत उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार दिया गया। आधुनिक पंचक्रीड़ा की टीम श्रेणी में सक्षम प्रताप सिंह और ममता खाती तथा बॉक्सिंग की एकल श्रेणी में खुशी चंद को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार विजेताओं को नकद धनराशि के साथ प्रशस्ति पत्र, ब्लेजर और शॉल प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों तथा उनके प्रशिक्षकों को भी नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान खेल मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय भट्ट, विधायक मोहन सिंह बिष्ट समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे।






