April 29, 2026 7:08 PM

जल जीवन मिशन 2.0 को नई रफ्तार, उत्तराखंड सरकार और केंद्र के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

देहरादून। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, राष्ट्रीय Jal Jeevan Mission, Ministry of Jal Shakti और उत्तराखंड सरकार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और इसे राज्य में पेयजल योजनाओं को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C R Patil का आभार जताते हुए कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और सीमावर्ती राज्य में जल जीवन मिशन केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि लगभग 14 लाख ग्रामीण परिवारों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा अभियान है। उन्होंने बताया कि राज्य में मिशन के तहत करीब 16,500 योजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें अधिकांश पूरी हो चुकी हैं और शेष पर तेजी से काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा संवेदनशीलता के बावजूद राज्य सरकार हिमालय संरक्षण और जल स्रोत संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, जल स्रोत संरक्षण अभियान और जनभागीदारी के जरिए दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में काम हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए राज्य में स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी का गठन किया गया है और पिछले एक वर्ष में 6,500 से अधिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं उपचार का कार्य पूरा किया गया। साथ ही वर्षा जल संचयन और एक हजार गांवों में तालाबों व पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का कार्य भी चल रहा है।

केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने उत्तराखंड सरकार के जल संरक्षण प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल शक्ति मंत्रालय राज्य को हर संभव सहयोग देगा। कार्यक्रम में V Somanna सहित जल शक्ति मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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