देहरादून: पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में हिमालयी राज्यों से समन्वय एवं नीति निर्धारण परिषद की पहली बैठक आयोजित हुई, जिसमें साझा चुनौतियों के समाधान और समेकित विकास रणनीति पर व्यापक मंथन किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक, पर्यावरणीय और सामाजिक परिस्थितियां समान हैं, इसलिए आपसी सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान और बेस्ट प्रैक्टिस के जरिए प्रभावी नीति निर्माण संभव है। उन्होंने इकोनॉमी और ईकोलॉजी के संतुलन के साथ मानव जीवन स्तर बेहतर बनाने को मुख्य उद्देश्य बताया।
बैठक में जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, जैव विविधता संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत संस्थानों के सहयोग से राज्य नई संभावनाओं पर आगे बढ़ेगा।
आनन्द बर्द्धन ने कहा कि हिमालयी राज्यों की चुनौतियों के समाधान के लिए एकीकृत प्रयास जरूरी हैं, जबकि किशोर उपाध्याय ने हिमालयी क्षेत्रों की वैज्ञानिक और पारिस्थितिकीय स्थिति के गहन अध्ययन पर जोर दिया।
बैठक में हिमालयी राज्यों के लिए संयुक्त टास्क फोर्स के गठन, बुग्याल संरक्षण, जड़ी-बूटी आधारित अर्थव्यवस्था, आजीविका संवर्धन और प्राकृतिक-सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर भी सुझाव सामने आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में मिले सुझावों पर तेजी से अमल किया जाएगा।
धामी ने कहा कि हिमालयी राज्यों के बीच समन्वय केवल विकास नहीं, बल्कि पर्यावरणीय सुरक्षा और भावी पीढ़ियों के हितों से भी जुड़ा विषय है, जिसके लिए साझा नीति और सामूहिक प्रयास समय की मांग हैं।







