September 24, 2026 4:44 PM

मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ, 488 महिलाओं को सौंपी गई किश्त

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 212 नई महिला लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में 1 करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये तथा प्रथम चरण की 276 महिलाओं को द्वितीय किश्त के रूप में 1 करोड़ 20 लाख 76 हजार 875 रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए। इस प्रकार कुल 488 महिलाओं के खातों में 2 करोड़ 76 लाख 16 हजार 875 रुपये की सहायता राशि भेजी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति होती है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह योजना एकल, विधवा, निराश्रित, परित्यक्ता, तलाकशुदा महिलाओं, एसिड अटैक पीड़िताओं, अन्य अपराधों से प्रभावित महिलाओं तथा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत अधिकतम दो लाख रुपये तक की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है, ताकि लाभार्थी अपने क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित कर सम्मानजनक जीवन जी सकें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार भी महिला स्वयं सहायता समूहों, लखपति दीदी, उद्यमशाला योजना और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। वर्तमान में प्रदेश की लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी निभा रही हैं।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह योजना प्रदेश की एकल महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय लिख रही है। सरकार महिलाओं को सहायता की पात्र नहीं बल्कि विकास की साझेदार मानते हुए उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है।

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