April 19, 2026 7:22 PM

चारधाम यात्रा 2026 का शुभारम्भ, CM धामी ने बसों को दिखाई हरी झंडी…

ऋषिकेश : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा महज एक धार्मिक परंपरा नहीं, यह आत्मा और आस्था को जोड़ने का मार्ग है. बद्री-केदार की वादियों में एक बार फिर आस्था का सैलाब उमड़ने को तैयार है. शनिवार (18 अप्रैल) को ऋषिकेश में चारधाम यात्रा-2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में चारधाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की भी ली सुध

बसें रवाना करने के बाद मुख्यमंत्री ने यात्रियों के लिए लगाए गए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया. ऊंचाई वाले धामों की कठिन यात्रा को देखते हुए यह शिविर खासा जरूरी है. खासकर उन बुजुर्ग और हृदय रोगी श्रद्धालुओं के लिए जो जोश में आकर स्वास्थ्य जांच किए बिना निकल पड़ते हैं. कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी साफ कहा कि जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य जांच के बाद ही यात्रा पर निकलें.

चारधाम यात्रा सुगम, सुरक्षित और दिव्य हो- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ”चारधाम यात्रा महज एक धार्मिक परंपरा नहीं, यह आत्मा और आस्था को जोड़ने का मार्ग है. यह यात्रा हर कठिनाई से पार पाने की शक्ति देती है. राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर श्रद्धालु की यात्रा सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य हो. हमारा लक्ष्य है कि देवभूमि में आने वाला हर यात्री यहां से स्वर्णिम यादें लेकर लौटे.” उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद लगातार यात्रा की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं.

ग्रीन चारधाम, प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ का संकल्प

इस बार यात्रा की एक और खास बात यह है कि सरकार ने ‘ग्रीन चारधाम यात्रा’ और ‘प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ धाम’ का लक्ष्य निर्धारित किया है. सभी वाहनों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है. यात्रा मार्गों पर नियमित सफाई की व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से भावपूर्ण आग्रह करते हुए कहा, “जैसे हम अपने घर के मंदिर को साफ और पवित्र रखते हैं, वैसे ही देवभूमि को भी स्वच्छ बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.”

सड़क से रोपवे तक बुनियादी ढांचे पर जोर

मुख्यमंत्री ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए चल रहे बुनियादी विकास कार्यों का भी जिक्र किया. हाल ही में 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण से यात्रा तेज और सुविधाजनक हो गई है. केदारनाथ और बद्रीनाथ में पुनर्निर्माण कार्य जारी हैं. गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है. ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत मार्गों को दुरुस्त किया गया है. गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं का काम भी आगे बढ़ रहा है.

शटल सर्विस और एलईडी सूचना बोर्ड की नई व्यवस्थाएं

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने बताया कि इस बार सिंगल लेन सड़कों और भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों में शटल सर्विस की नई शुरुआत की गई है. इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराया जाएगा. विभिन्न स्थानों पर एलईडी बोर्ड लगाकर यात्रियों को रियल टाइम जानकारियां दी जाएंगी.

स्वास्थ्य सुविधाएं भी तैयार

मंत्री उनियाल ने जानकारी दी कि केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो चुका है जबकि बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक चालू हो जाएगा. पूरे यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है.

यात्रा में अधिक से अधिक स्थानीय उत्पाद खरीदें- मुख्यमंत्री

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने यह भी याद दिलाया कि चारधाम यात्रा लाखों स्थानीय परिवारों की रोजी-रोटी का आधार है. उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अधिक से अधिक स्थानीय उत्पाद खरीदें, ताकि देवभूमि के लोगों की आजीविका को भी बल मिले. इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, हेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत बिंद्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

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