April 17, 2026 7:20 PM

धराली पहुंचे हरीश रावत, आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर धामी सरकार पर साधा निशाना

उत्तरकाशी: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत दो दिवसीय दौरे पर उत्तरकाशी पहुंचे, जहां उन्होंने धराली में आपदा प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2012-13 की आपदा के बाद उनकी सरकार ने राहत और पुनर्वास के लिए एक सशक्त मॉडल तैयार किया था, जिससे वर्तमान सरकार को सीख लेकर काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज भी आपदा प्रभावित ग्रामीणों की कई समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि अब तक उनके व्यवसायिक नुकसान का मुआवजा नहीं मिला है और शासन-प्रशासन की ओर से दोबारा कोई राहत नहीं दी गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को बिंदुवार नोट किया है और इस संबंध में मुख्यमंत्री के समक्ष सभी मुद्दे रखे जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोग चाहते हैं कि गंगोत्री हाईवे का निर्माण पुराने एलाइनमेंट पर ही किया जाए, क्योंकि वर्तमान स्थिति में उनकी संपत्तियां मलबे में दबी हुई हैं।

उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और राहत कार्यों में सरकार पूरी तरह विफल रही है और जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम दिखाई नहीं दे रहा। साथ ही उन्होंने चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिन कार्यों को यात्रा शुरू होने से पहले पूरा हो जाना चाहिए था, वे अब तक अधूरे हैं।

हरीश रावत ने हर्षिल क्षेत्र की स्थिति को भी चिंताजनक बताया और कहा कि वहां बनी झील बारिश के मौसम में बड़ा खतरा बन सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं, लोन माफ किया जाए और जिन लोगों की जमीन या संपत्ति का नुकसान हुआ है, उन्हें उचित सहायता दी जाए।

उत्तरकाशी दौरे के बाद देहरादून पहुंचे हरीश रावत ने सहस्त्रधारा रोड स्थित एकता विहार में आंदोलनरत संगठनों से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नर्सिंग एकता मंच, पीआरडी कर्मियों और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग कर रहे आंदोलनकारियों का समर्थन करते हुए उनकी मांगों को जायज बताया।