July 9, 2026 11:50 PM

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचीं सरकारी सेवाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा, सुशासन एवं समर्पण” तथा जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत बुधवार को प्रदेशभर में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से हजारों नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिला, जबकि बड़ी संख्या में शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण भी किया गया।

अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर सहित कई जिलों में आयोजित शिविरों में स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, स्वरोजगार, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, शिक्षा, राजस्व, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयुष और ग्राम्य विकास समेत विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही लाभ प्रदान किया।

शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क दवा वितरण, आधार एवं प्रमाण-पत्र निर्माण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महालक्ष्मी किट वितरण, कृषि एवं उद्यान सहायता, पशुपालन, डेयरी, रोजगार पंजीकरण, छात्रवृत्ति और किसान कल्याण योजनाओं सहित अनेक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।

प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में प्राप्त 415 शिकायतों और आवेदनों में से 179 से अधिक मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया। अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

राज्यभर में आयोजित इन शिविरों में लगभग 5,300 से अधिक लोगों ने सहभागिता की, जबकि 4,470 से अधिक पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। अल्मोड़ा में लगभग 1,300, हरिद्वार में 1,130, ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में 1,150, नैनीताल में 510, चम्पावत में 440 तथा अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने शिविरों में भाग लेकर योजनाओं का लाभ उठाया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक सुशासन और जनसेवा की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन एवं समर्पण” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सरकार की कार्यसंस्कृति है। जनसेवा शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों का समय, श्रम और धन बच रहा है तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

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