देहरादून: उत्तराखंड चारधाम की यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है. जिसके जिला सभी संबंधित विभाग व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायत में जुटे हुए हैं. हाल ही में उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग की ओर से चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गाइडलाइन जारी की गई थी. वहीं, उत्तराखंड परिवहन विभाग ने भी सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए “क्या करें और क्या ना करें” संबंधित गाइडलाइन जारी कर दी है. दरअसल, उत्तराखंड सरकार सरल, सुगम और सुरक्षित चारधाम की यात्रा पर जोर दे रही है. यही वजह है कि संबंधित विभाग लगातार अपने-अपने स्तर से व्यवस्थाओं को बेहतर करने में जुटे हुए हैं.
उत्तराखंड परिवहन विभाग की ओर से सुरक्षित यात्रा के लिए जारी “क्या करें और क्या ना करें” गाइडलाइन में तमाम बिंदुओं का जिक्र किया गया है. जिसमें मुख्य रूप से उत्तराखंड चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को पर्यटन विभाग की ऑफिशल वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाने और वाहनों के लिए ट्रिप कार्ड लेने की बात कही गई है. इसके साथ ही कॉमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य किया गया है. लिहाजा, जो वाहन स्वामी चारधाम यात्रा में अपने कमर्शियल वाहनों का संचालन करना चाहते हैं, वो समय पर ग्रीन कार्ड बनवा लें और ट्रिप कार्ड ले लें.
सुरक्षित यात्रा के लिए क्या करें
चारधाम यात्रा के लिए अनिवार्य रूप से यात्री पंजीकरण करायें और ट्रिप कार्ड अवश्य लें
- यात्रा में संचालित सभी व्यवसायिक वाहनों के लिये ग्रीन कार्ड और वाहन का ट्रिप कार्ड हर ट्रिप के लिए अनिवार्य है
- वाहन के सभी दस्तावेज, चालक का लाइसेंस ग्रीन कार्ड, ट्रिप कार्ड, यात्री सूची की वैध मूल प्रमाण प्रति साथ रखें
- व्यवसायिक वाहनों के लिये पर्वतीय मार्गों पर संचालन के लिए चालक के लाइसेंसे में पर्वतीय मार्गों को पृष्ठांकन होना अनिवार्य है
- पर्वतीय मार्गों पर वाहन तकनीकी रूप से ठीक होना आवश्यक है
- यात्रा से पहले वाहन की लाइट, डिप्पर, वाइपर, ब्रेक, स्टेरिंग टायर की जांच जरूर करें
- वाहन में मानकनुसार लाल, सफेद, पीले रिफलेक्टर टेप जरूर लगे हों
- वाहन में फस्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, ओट लगाने के लिए लड़की का गुटका, रस्सी रखें
- पर्वतीय मार्गों पर सहायता के लिये वाहन में टॉर्च, पंचर किट, हवा भरने का पंप रखें
- वाहन में कूड़ा रखे जाने के लिए कूड़ेदान का प्रयोग करे
- वॉमेटिंग बैग भी जरूरत अनुसार रखें
- यात्री अपने स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सीय सलाह व दवाईयाँ, गर्म कपड़े, छाता, बरसाती और पानी खाने का सामान रखें
- यात्रा के दौरान सीट बैल्ट जरूर लगाए
- चालक / परिचालक निर्धारित वर्दी पहनें
- पर्वतीय मार्गों के मोड़ों पर हॉर्न का प्रयोग करें और बाई ओर अपनी लेन में चलें
- वाहन को सुरक्षित स्थान पर पार्क करें, पार्क करते समय हैंड ब्रेक और लकड़ी के गुटके का इस्तेमाल करें
- पर्वतीय मार्गों पर मौसम खराब होने, भूस्खलन होने पर प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें
- ढलान / चढ़ाई वाले मार्ग पर ऊपर चढ़ते हुये वाहन को वरियता दें
- यात्रा मार्ग पर स्थापित शौचालय का इस्तेमाल करें
- आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा के लिए 108 और पुलिस सहायता के लिए 112 टोल फ्री नंबर पर संपर्क करें
- यात्रा शुरू करते समय और वापसी में यात्रा चैकपोस्ट पर वाहन की प्रविष्टि अवश्य करायें
- वाहन के किसी भी दस्तावेज की वैधता समाप्त होने पर ग्रीन कार्ड को अपडेट करायें
सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए क्या न करें
- पर्वतीय मार्गों पर अकुशल एवं अप्रशिक्षित वाहन चालक के साथ यात्रा न करें
- 3 धाम-07 दिन, धाम-10 दिन से पहले पूरा न करें
- ओवर स्पीडिंग बिल्कुल भी न करें
- प्राइवेट वाहनों को किराये पर लेकर यात्रा न करें
- चालक लगातार स्टेरिंग ड्यूटी न करें, बीच-बीच में विश्राम अवश्य करें
- पर्वतीय मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहन संचालन प्रतिबंधित है
- वाहन की पंजीयन प्लेट साफ हो, वाहनों में किसी भी प्रकार के नाम, पदनाम के बोर्ड, सायरन / हूटर, लाल / पीली / नीली बत्ती प्रतिबंधित है
- प्रेशर हॉर्न, मल्टी टोन हॉर्न और फैन्सी लाइटों का प्रयोग न करें
- वाहन में किसी भी प्रकार का ज्वलनील पदार्थ न ले जायें
- धुम्रपान और मादक पदार्थों का सेवन न करे
- वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री या सामान न ले जायें
- चालक चप्पल पहनकर वाहन न चलायें
- चालक वाहन चलाते समय मोबाइल या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का प्रयोग न करे
- गतिमान वाहनों में रेडियो / म्यूजिक सिस्टम का संचालन न करें
- सामने वाले वाहन से पास दिये बिना ओवरटेक न करें और मोड़ों पर ओवरटेक न करें
- वाहन में घिसे हुये या रिट्रेटेड टायरों का प्रयोग न करें
- वाहन को चढ़ाई या ढलान और खाई की ओर पार्क न करें
- यात्रा के दौरान चालक से बातचीत या नोक-झोंक न करें
- चालक / परिचालक यात्रियों से भी दुव्यवहार न करें
- अपने वाहनों को प्राकृतिक स्त्रोतों के पानी में न धोए





