September 19, 2026 6:58 PM

मातृशक्ति संवाद में धामी का भरोसा, कहा – महिलाओं की तरक्की में सरकार बनेगी भागीदार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह समर्पित है। सरकार महिलाओं के कौशल और उद्यमिता विकास के साथ उनके बनाए उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने महिलाओं से सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शनिवार को आयोजित मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के कौशल विकास से लेकर उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए आसान ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

महिला समूहों को बड़े कारोबारी समूह बनाने पर जोर

महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े कारोबारी समूहों के रूप में विकसित करने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के माध्यम से इस दिशा में काम कर रही है। उत्तराखंड की महिलाओं के विशिष्ट उत्पादों को ‘हाउस ऑफ हिमालय’ ब्रांड के माध्यम से नई पहचान दी गई है।

उन्होंने बताया कि देहरादून के सहस्रधारा रोड पर एक बड़ा केंद्र विकसित किया जा रहा है, जहां सभी 13 जिलों की महिलाओं द्वारा तैयार विशिष्ट उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं सिलाई-बुनाई से लेकर कारखाने चलाने तक में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं।

मेलों से लेकर हवाई अड्डों तक उपलब्ध होंगे उत्पाद

महिला समूहों के उत्पादों को जीएमवीएन और केएमवीएन के अतिथि गृहों में बिक्री के लिए उपलब्ध कराने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पादों की बिक्री विभिन्न मेलों और आयोजनों के अलावा हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और रोडवेज बस अड्डों पर भी की जा रही है। ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के उत्पाद ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं से उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक बार उत्पादों के प्रति लोगों का भरोसा बन जाने पर ग्राहक स्वयं उन्हें खरीदने के लिए आगे आएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को पूरे वर्ष संचालित करने पर विचार करने की बात भी कही।

बिना गारंटी के ऋण से बदली महिला लाभार्थी की जिंदगी

संवाद के दौरान एक महिला लाभार्थी ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि एक समय उनका घर तक बिक गया था और बच्चों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया था। महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने दोबारा अपने परिवार को संभाला। उन्होंने कहा कि समूहों के लिए बिना गारंटी का ऋण किसी वरदान से कम नहीं है।

महिला लाभार्थी ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर आधारित गीत प्रस्तुत करते हुए महिला स्वयं सहायता समूहों, बिना ब्याज ऋण और लखपति दीदी योजना सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिला केंद्रित योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने के अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश की महिलाएं लगातार सशक्त हो रही हैं। उत्तराखंड की महिलाओं ने अपने साहस और मेहनत से विभिन्न क्षेत्रों में पहचान बनाई है और सरकार उनके लिए नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।

कार्यक्रम में विधायक दलीप रावत, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, नेहा शर्मा, किरण भट्ट, डॉ. प्राची कंडवाल सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।