July 11, 2026 11:48 PM

धामी कैबिनेट ने 10 अहम प्रस्तावों पर लगाई मुहर, मदरसा अनुदान समाप्त, राफ्टिंग नियमों में बदलाव, विदेश रोजगार प्रकोष्ठ को मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, साहसिक पर्यटन, रोजगार, वित्तीय प्रशासन और भूमि अधिकारों से जुड़े 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट का सबसे अहम फैसला वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरबी-फारसी मदरसों को दिए जाने वाले अनुदान की अलग बजट मद समाप्त करने का रहा। सरकार ने स्पष्ट किया कि अब केवल उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त संस्थानों को ही नियमानुसार संचालन की अनुमति होगी।

कैबिनेट ने उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग एवं कयाकिंग संशोधन नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी। नई व्यवस्था के तहत साहसिक पर्यटन गतिविधियों में सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पिथौरागढ़ के मढ़धुरा क्षेत्र में निर्माणाधीन सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान के विस्तार के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। यहां आधुनिक शैक्षणिक भवन, छात्रावास, प्रयोगशालाएं, खेल परिसर और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

पौड़ी जनपद के श्रीनगर क्षेत्र में प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत चयनित विद्यालयों के विद्यार्थियों को अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीकृत रसोईघर से पका-पकाया मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने को भी मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतनमान देने का निर्णय लिया। इसके साथ ही हरिद्वार कुंभ-2027 की समवर्ती लेखा परीक्षा के लिए दो नए पदों के सृजन तथा उत्तराखंड वित्त सेवा नियमावली में पदोन्नति संबंधी विसंगतियों को दूर करने वाले संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

राज्य के वित्तीय अनुश्रवण तंत्र को मजबूत करने के लिए वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ के पुनर्गठन तथा सहसपुर स्किल हब में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के संचालन के लिए सात सदस्यीय प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) गठित करने का भी निर्णय लिया गया।

इसके अलावा बापूग्राम, बिंदुखत्ता और 54 बग्गा भूमि अधिकार मामलों के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का फैसला लिया गया। सरकार का कहना है कि समिति कानूनी पहलुओं का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगी।

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