देहरादून। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण विवाद को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने अपनी मांगों को लेकर 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान किया है। वहीं, कांग्रेस के आंदोलन के जवाब में भाजपा ने प्रदेश के सभी 19 संगठनात्मक जिला मुख्यालयों पर सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना आयोजित करने का निर्णय लिया है। ऐसे में 7 सितंबर को प्रदेश में सियासी टकराव की तस्वीर देखने को मिल सकती है।
कांग्रेस के तय कार्यक्रम के अनुसार, 7 सितंबर को सुबह 10 बजे देहरादून के परेड ग्राउंड में पार्टी कार्यकर्ता एकत्र होंगे और इसके बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे। कांग्रेस की प्रमुख मांगों में हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेना और दोषियों पर कार्रवाई करना शामिल है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार ने यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर अपनी लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हल्द्वानी की घटना में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस वैचारिक लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के आंदोलन पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देवभूमि में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया है। इसी के विरोध में भाजपा के अनुसूचित मोर्चे के कार्यकर्ता प्रदेश के सभी 19 संगठनात्मक जिलों में सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कार्यक्रम समाज में सौहार्द बनाए रखने का संदेश देगा।
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद 11 अगस्त को कथित शुद्धिकरण की घटना सामने आई, जिसे लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा और सरकार पर हमलावर है। अब 7 सितंबर को कांग्रेस के मुख्यमंत्री आवास कूच और भाजपा के सामाजिक सौहार्द संकल्प धरने से प्रदेश की सियासत और गरमाने के आसार हैं।







