September 9, 2026 3:26 PM

ज्ञान गंगा सम्मान समारोह में शिक्षकों का सम्मान, CM ने सौंपी मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में कुसुम कांता फाउंडेशन एवं मंथन वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित ज्ञान गंगा सम्मान समारोह एवं छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में शिक्षकों को सम्मानित किया और मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान देने के साथ उन्हें दृष्टि, आत्मविश्वास, संस्कार और जीवन-मूल्य भी प्रदान करता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि ज्ञान गंगा सम्मान समारोह प्रतिभाओं को पहचान देने और बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का सराहनीय प्रयास है। किसी बच्चे की शिक्षा में सहयोग करना केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उसके सपनों को पूरा करने में सहभागी बनना है।

मुख्यमंत्री ने स्व. कुसुम कांता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संगीत, साहित्य और शिक्षा के प्रति उनका समर्पण प्रेरणादायी रहा। उनके जीवन-मूल्यों और सेवा भाव को आगे बढ़ाते हुए कुसुम कांता फाउंडेशन पिछले छह वर्षों से शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। उन्होंने मंथन वेलफेयर एसोसिएशन के शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को सुविधाओं के साथ समय, अच्छे संस्कार और अनुशासन देने का आह्वान किया। कहा कि बच्चे का उज्ज्वल भविष्य केवल विद्यालय की शिक्षा से नहीं, बल्कि परिवार और विद्यालय के संयुक्त प्रयासों से बनता है। विद्यार्थियों से उन्होंने बड़े सपने देखने और मेहनत, अनुशासन तथा दृढ़ संकल्प के साथ उन्हें पूरा करने का आह्वान किया।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपनी धर्मपत्नी स्व. कुसुम कांता का स्मरण करते हुए कहा कि शिक्षा, साहित्य, संगीत और समाज सेवा के प्रति उनका विशेष अनुराग था। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण का आधार है। उन्होंने छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज एवं राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, प्रो. सुधारानी पाण्डेय, कुसुम कांता फाउंडेशन की संस्थापक विदुषी निशंक, आर्यन देव उनियाल समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।