चमोली। बदरीनाथ धाम मंदिर में कथित चोरी के मामले में जेल में बंद आरोपी प्रमोद नौटियाल को उत्तराखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद जमानत याचिका मंजूर कर ली।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने प्रमोद नौटियाल को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। बचाव पक्ष के अनुसार, प्राथमिकी प्रारंभिक जांच के आधार पर दर्ज की गई थी। जांच में आरोप लगाया गया था कि मंदिर में ‘थाली भेंट’ की धनराशि की गिनती के दौरान प्रमोद नौटियाल को रुपये लेते हुए देखा गया था।
बचाव पक्ष ने अदालत में यह दलील भी दी कि जिस कमरे से कथित धनराशि बरामद होने की बात कही गई है, वहां आम लोगों और श्रद्धालुओं का भी आना-जाना था। वहीं, राज्य सरकार की ओर से जमानत याचिका का विरोध किया गया। हालांकि, राज्य पक्ष ने इस तथ्य से इनकार नहीं किया कि मामले में आरोप-पत्र दाखिल हो चुका है और कथित धनराशि की बरामदगी गिरफ्तारी के काफी समय बाद हुई थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने प्रमोद नौटियाल को जमानत दे दी। इस मामले में चमोली जिले के बदरीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 306, 316(5), 317(2) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।







