November 4, 2026 2:48 PM

स्वयं सहायता समूहों के जरिए चलाए जाएंगे कोल्ड स्टोरेज, त्यूणी अस्पताल 15 नवंबर तक होगा शुरू- CS

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराने, मोबाइल नेटवर्क से वंचित क्षेत्रों की पहचान करने और त्यूणी उप जिला अस्पताल को 15 नवंबर तक शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय उनकी जरूरत, उपयोगिता और आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन अनिवार्य रूप से किया जाए।

मुख्य सचिव मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ लंबित प्रकरणों एवं प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन को कोई भी प्रस्ताव भेजने से पहले उसका लागत-लाभ विश्लेषण किया जाए, ताकि योजना की वास्तविक उपयोगिता और उससे मिलने वाले लाभ का स्पष्ट आकलन हो सके।

स्वयं सहायता समूहों को दी जाएगी तकनीकी दक्षता

मुख्य सचिव ने कोल्ड स्टोरेज के संचालन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए अच्छे कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी इनके संचालन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समूहों को कोल्ड स्टोरेज चलाने के लिए जरूरी तकनीकी दक्षता और विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की वर्तमान और भविष्य की जरूरत का शीघ्र आकलन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

नेटवर्क विहीन क्षेत्रों का होगा सर्वेक्षण

मुख्य सचिव ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क से वंचित स्थानों का व्यापक सर्वेक्षण कर उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारियों से कहा गया कि ऐसे सभी क्षेत्रों की जानकारी जल्द शासन को उपलब्ध कराई जाए। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भी नेटवर्क विहीन हिस्सों का विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। इसमें स्पष्ट किया जाए कि राजमार्ग के किस किलोमीटर से किस किलोमीटर तक मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को दूरसंचार विभाग से भी जरूरी जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए, ताकि नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में मोबाइल संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जा सके।

15 नवंबर तक शुरू होगा त्यूणी उप जिला अस्पताल

मुख्य सचिव ने देहरादून जिले के त्यूणी उप जिला अस्पताल को 15 नवंबर तक अनिवार्य रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल के संचालन के लिए चिकित्सकों सहित आवश्यक कर्मचारियों, उपकरणों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था समय पर पूरी की जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

विद्यालयों की सफाई और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

मुख्य सचिव ने विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शौचालयों सहित पूरे विद्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और विद्यार्थियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए प्रधानाचार्यों को दिए जाने वाले अनटाइड फंड में जरूरत के अनुसार वृद्धि की संभावनाओं पर विचार करने को कहा गया, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सफाई और रखरखाव की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने विद्यालय भवनों की मरम्मत और नए भवनों के निर्माण से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, अमित कुमार सिन्हा, सहदेव सिंह, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, बृजेश कुमार संत, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, दीपक कुमार, श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान, डॉ. अहमद इकबाल, रंजना राजगुरू, राजेंद्र कुमार, गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप, कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत सहित विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।

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