October 23, 2026 12:44 PM

कांग्रेस की न्याय यात्रा के जवाब में भाजपा निकालेगी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ यात्रा’, CM धामी ने किया ऐलान

देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस की उत्तराखंड न्याय यात्रा के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ यात्रा’ निकालने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने देश में करीब छह दशक तक शासन किया, लेकिन अब जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इसी चुनाव आयोग के तहत हुए चुनावों में जीत भी मिली है। उनके मुताबिक चुनाव में जीत मिलने पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्वीकार करना और हार मिलने पर उसी व्यवस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अपने रवैये पर विचार करने की बात कही।

कांग्रेस की न्याय यात्रा पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की न्याय यात्रा को लेकर कहा कि केवल यात्राएं निकालने और नारे लगाने से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना और उनके हितों के लिए काम करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिलने पर कांग्रेस अपनी राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करने के बजाय जनता पर सवाल उठाती है।

धामी ने कहा कि विपक्ष को जनता के सामने अपनी नीतियों और कार्यों के आधार पर बात रखनी चाहिए। भाजपा की प्रस्तावित यात्रा के जरिए पार्टी कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर अपना पक्ष जनता तक पहुंचाएगी।

31 अक्टूबर को श्रीनगर और 2 नवंबर को देहरादून में पदयात्रा

मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा की पदयात्रा के तहत 31 अक्टूबर को श्रीनगर और 2 नवंबर को देहरादून में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ऊधमसिंह नगर में भी पदयात्रा निकाली जाएगी, हालांकि वहां की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई।

कांग्रेस अपनी न्याय यात्रा के माध्यम से विभिन्न मुद्दों को जनता के बीच उठा रही है, जबकि भाजपा ने इसके जवाब में अपनी यात्रा की घोषणा की है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के इन अभियानों से प्रदेश में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं।

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