October 2, 2026 6:47 PM

नामांतरण मामलों का तय समय-सीमा में करें निस्तारण: रंजना राजगुरु

देहरादून। आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु ने प्रदेश में भूमि नामांतरण से जुड़े मामलों और अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नामांतरण के मामलों का नियमानुसार गुण-दोष के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में सभी जनपदों में प्रथम श्रेणी सहायक कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से किए जा रहे राजस्व न्यायिक कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। आयुक्त एवं सचिव ने कहा कि मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने सभी पीठासीन अधिकारियों को राजस्व न्यायालयों का संचालन नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही न्यायालयों से संबंधित अभिलेखों और आवश्यक पंजिकाओं को नियमित रूप से अद्यतन रखने को कहा, ताकि मामलों की स्थिति स्पष्ट रहे और न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।

रंजना राजगुरु ने निस्तारित मामलों की पत्रावलियों को नियमानुसार समय से अभिलेख कक्ष में जमा कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अपील की स्थिति में मूल पत्रावलियां संबंधित अपीलीय न्यायालय को समय पर उपलब्ध कराई जा सकें, इसके लिए रिकॉर्ड व्यवस्थित रखना आवश्यक है।

उन्होंने न्यायालयों की ओर से जारी समनों की समयबद्ध तामील सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपदों में नामांतरण मामलों से जुड़े समनों की समय पर तामील पर विशेष जोर दिया गया।

राजस्व परिषद की ओर से आगामी माह से प्रदेश में ‘नामांतरण दिवस’ आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सभी तहसीलों के पीठासीन अधिकारियों को अभी से आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में राजस्व परिषद के संयुक्त संचालक चकबंदी नरेश चंद्र दुर्गापाल, उप राजस्व आयुक्त मीनाक्षी पटवाल, जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व नितिन वशिष्ठ सहित प्रदेश के सभी अपर जिलाधिकारी मौजूद रहे।