देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि मतदाता सूची में होने वाले बड़े बदलावों का पूरा आंकड़ा सार्वजनिक किया जाना चाहिए और जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी जानकारी देने के साथ अपील का उचित अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव किसी राजनीतिक दल की जीत-हार तक सीमित विषय नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद हैं।
यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस ने चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर पांच मांगें रखी हैं। इनमें मतदाता सूची में बड़े बदलावों का पूरा आंकड़ा सार्वजनिक करना, हटाए गए मतदाताओं को सूचना और अपील का अवसर देना, राजनीतिक दलों को मतदाता सूची से संबंधित आवश्यक आंकड़े समय पर उपलब्ध कराना, गंभीर विसंगतियों के मामलों में स्वतंत्र और समयबद्ध जांच तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों और निर्णयों में पर्याप्त पारदर्शिता शामिल है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है और उसकी आवाज लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सुनी जा रही है। चुनाव आते-जाते हैं और सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन लोकतंत्र और संविधान देश की स्थायी संस्थाएं हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका आम मतदाता की है। मतदाता सूची पारदर्शी हो, चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष हो, चुनावी संस्थाएं स्वतंत्र हों और प्रत्येक योग्य नागरिक का मत सुरक्षित रहे, यही संविधान की भावना है।
आर्य ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों और आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों के बीच चुनावी संस्थाओं की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और निर्णय प्रक्रिया से जुड़े गंभीर प्रश्नों का पारदर्शी एवं संस्थागत जवाब मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर उठने वाले प्रत्येक गंभीर प्रश्न की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि संवैधानिक संस्थाओं में जनता का विश्वास मजबूत हो।
उन्होंने कहा कि चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के लोकतांत्रिक अधिकार की अभिव्यक्ति हैं। मतदाता का विश्वास मजबूत रहेगा तो लोकतंत्र भी मजबूत रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विषय को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उठाती रहेगी।






